नीमच। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), इंदौर के प्रथम वर्ष के एमबीए विद्यार्थियों ने रूरल एंगेजमेंट प्रोग्राम के तहत नीमच जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन का अध्ययन किया। पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर योजना की प्रगति, कार्यप्रणाली और हितग्राहियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई।
5 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम में 14 राज्यों से चयनित विद्यार्थियों ने सहभागिता की। अध्ययन के लिए जिले की चार ग्राम पंचायतों का चयन किया गया। इनमें जनपद पंचायत जावद की ग्राम पंचायत लासूर, जनपद पंचायत नीमच की ग्राम पंचायत चीताखेड़ा तथा जनपद पंचायत मनासा की ग्राम पंचायत अल्हेड़ और पड़दा शामिल हैं।
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों की चार टीमों ने संबंधित ग्राम पंचायतों में रहकर ग्रामीण परिवेश को समझा और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने योजना की प्रगति, हितग्राहियों से संबंधित जानकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जाना।
जिला पंचायत सीईओ के समक्ष प्रस्तुत किया अध्ययन-
पांच दिवसीय अध्ययन कार्यक्रम पूरा होने के बाद 9 अक्टूबर को विद्यार्थियों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव के समक्ष अपने अध्ययन और अनुभवों का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ग्राम पंचायतों में किए गए अध्ययन से प्राप्त जानकारियां साझा कीं।
रूरल एंगेजमेंट प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर समझने और ग्रामीण परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।