मनासा। मनासा क्षेत्र में लोड शेडिंग के नाम पर की जा रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर किसानों की परेशानी का मुद्दा गरमा गया है। जिला कांग्रेस महासचिव महेंद्र उपाध्याय सांडिया ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि बिजली कटौती पर रोक लगाकर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस किसानों के साथ सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
प्रेस नोट के माध्यम से उपाध्याय ने कहा कि क्षेत्र में दिन हो या रात, बिना पूर्व सूचना के बिजली बंद कर दी जाती है। वर्तमान में किसानों के लिए फसल निकालने, आगामी फसलों की तैयारी और सिंचाई का महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में अनियमित विद्युत आपूर्ति से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसान दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन जरूरी समय पर बिजली नहीं मिलने से उनकी मेहनत, समय और आर्थिक संसाधनों पर असर पड़ता है।
बिना सूचना बिजली कटौती पर उठाए सवाल
महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि खेती-किसानी का काम बिजली की अनिश्चित आपूर्ति के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित समय पर बिजली उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। यदि तकनीकी खराबी या रखरखाव के कारण बिजली बंद करना आवश्यक हो, तो विभाग को पहले से सूचना देकर स्पष्ट समय-सारणी जारी करनी चाहिए, ताकि किसान अपने कृषि कार्यों की योजना बना सकें।
उन्होंने विद्युत विभाग से अघोषित कटौती बंद करने और किसानों को नियमित बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। उपाध्याय ने कहा कि किसानों को आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर बिजली और समस्याओं का समाधान चाहिए।
किसानों के साथ आंदोलन की चेतावनी
जिला कांग्रेस महासचिव ने स्पष्ट किया कि यदि मनासा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में किसानों को साथ लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आजीविका और कृषि कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बिजली कटौती की समस्या का तत्काल समाधान नहीं होने पर कांग्रेस सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।