नीमच। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से किसान परेशान हैं। कम बारिश के कारण पहले ही खरीफ की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत नीमच के अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ‘शिवाजी’ ने प्रदेश सरकार के समक्ष आवाज उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को पत्र लिखकर ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने तथा सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
जनसंपर्क के दौरान सामने आई किसानों की परेशानी-
जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ने पत्र में उल्लेख किया कि त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान किसानों ने बिजली कटौती से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसलों को समय पर पानी देना जरूरी है, लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति के चलते सिंचाई प्रभावित हो रही है। इससे फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।
बिजली कटौती से किसानों में असंतोष-
चौहान ने पत्र के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से किसानों और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति में अनियमितता के कारण ग्रामीणों, किसानों और जनप्रतिनिधियों में असंतोष बढ़ रहा है। यदि समय रहते सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने रखीं प्रमुख मांगें-
सज्जन सिंह चौहान ‘शिवाजी’ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, सिंचाई के लिए निर्धारित अवधि तक निर्बाध और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने संबंधित बिजली अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता से कार्य करने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के निर्देश देने का भी आग्रह किया है।
किसानों को राहत देना प्राथमिकता-
जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ‘शिवाजी’ ने कहा कि किसान अन्नदाता हैं और उनके हितों की रक्षा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। कम बारिश के दौर में समय पर सिंचाई ही फसलों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई कर किसानों को राहत पहुंचाने की अपील की।