नीमच। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर देशभर में राशन दुकान संचालक हड़ताल पर हैं। जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखा जा रहा है। प्रदेश भर की राशन दुकानें बंद हैं। जिसकी वजह से लोगों को तीन दिन तक उचित मूल्य के दुकान से राशन नहीं मिल पा रहा है।
नीमच जिले में भी इसका बड़ा असर देखने को मिला है। राशन दुकान संचालकों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिनी हड़ताल से जिले की 294 राशन दुकानों पर ताले लग गए। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोग राशन के लिए परेशान हैं। फरवरी माह में कुल 141420 परिवारों में से अब तक मात्र 12021 परिवारों को राशन वितरण हो पाया है। दुकान संचालकों का कहना है कि मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। यदि हड़ताल लंबी चलती है तो गरीबों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विधानसभा चुनाव से पहले हर वर्ग अपनी मांगों को लेकर हड़ताल व विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। इसी क्रम में राशन दुकान संचालकों ने पीओएस मशीन को बंद करने या सर्वर स्पीड 4जी करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल कर दी। संचालक कमीशन का तत्काल भुगतान व वृद्धि भी चाहते हैं। माह के प्रारंभ में 3 तारीख से पीओएस मशीन शुरू होती है। इसके बाद ही पात्रों को राशन वितरण किया जाता है। मशीन शुरू होने में देरी के कारण पात्र लगभग हर माह 5 तारीख तक ही राशन लेने दुकानों पर जाते हैं। इस माह के राशन का वितरण शुरू ही हुआ था और संचालकों ने हड़ताल कर दी। ऐसे में अब तक जिले के मात्र 9 फीसदी पात्रों को ही राशन मिल पाया है।
राशन दुकान संचालकों की मुख्य मांगे-
1- गरीबों के हित में पीएमजीकेएवाय के अतिरिक्त 5 किलो खाद्यान्न की आपूर्ति
बहाल हो।
2- न्यूनतम मासिक आय 50 हजार सुनिश्चित करें।
3- वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की सिफारिशों के अनुसार 764 प्रति क्विंटल का न्यूनतम कमीशन लागू करें।
4- चावल, गेहूं और चीनी में 1 किलो प्रति क्विंटल परिचालन नुकसान देना होगा।
5- जूट के बारदान में खाद्यान्न की आपूर्ति करना होगी।
6- ग्रामीण क्षेत्र में दुकानों को चावल व गेहूं के लिए डीपीए नियुक्त करना होगा।
7- देश में सभी के लिए भोजन के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को राशन प्रदान किया जाना चाहिए।
8- राशन डीलरों को देय कमीशन का भुगतान तत्काल करना होगा।
ग्रामीण क्ष्रेत्रों में राशन की दुकानें बंद होने से परिवारों को राशन का वितरण बिलकुल नहीं हो पाया है। गांव चीताखेडा की राशन की दुकान पर इस फरवरी माह में 930 परिवारों राशन वितरण होना था लेकिन हड़ताल की वजह से एक भी परिवार को राशन नहीं मिल पाया है। जब गांव का ही अश्विन दुकान पर राशन लेने पहुंचा तो दुकान पर ताला लटका मिला। उसका कहना है कि अगर हड़ताल आगे भी चलती रही तो हमारा क्या होगा। प्रशासन को राशन वितरण की तुरंत दूसरी व्यवस्था करनी चाहिए।