मनासा। गुरुवार की आधीरात को मनासा पुलिस चार गाडियो के साथ गांव खेडा बांगरेड पहुची और एक विधवा महिला के घर पर जाकर बिना किसी अपराध के उसके बेटो को उठाकर ले आई। महिलाओ के साथ भी पुलिस ने बदतमीजी की और दरवाजा तोड दिया। पुलिस जिन तीन युवको को लेकर आई है वे बेकसूर है। पुलिस जिन वारंटीयो को पकड़ने गई थी उन्हे पहले चिन्हित करती। आधी रात को पुलिस की इस तरह से कार्रवाई करना संविधान और कानूनन गलत है।
यह आरोप पुलिस पर पुलिस थाना परिसर में दो घंटे से धरना प्रदर्शन कर रहे बंजारा समाजजनो ने लगाए। बंजारा समाजजन आज दोपहर में पुलिस थाना पहुंचे और यहां पर थाना परिसर में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
बंजारा समाज के लोगो का आरोप है कि मनासा पुलिस रात 12 बजे गांव खेडा बांगरेड पहुंची और एक विधवा महिला के घर पर जाकर जबरन उसके बेटो को ले आई। विधवा महिला पुलिस से बेटो को किस अपराध में ले जाने की बात पुछी तो पुलिस ने महिला के साथ भी अभद्रता की।
बंजारा समाज के आर सागर कछावा, विपिन सुरावत, भारतसिंह खिची, गंगाराम सुरावत, ने बताया कि पुलिस ने आधीरात को जिस तरह का व्यवहार विधवा महिला और तीन निर्दोष युवको के साथ किया है वो गलत है। पुलिस अगर वारंटियों को पकड़ने गई तो पहले सबंधित पुलिस चौकी को सूचना देती और कोटवार को साथ लेकर जाती। जिन युवको को पुलिस लेकर आई है उनके खिलाफ अपराध क्या है इसको लेकर पुलिस कुछ भी बताने के तैयार नही है। बंजारा समाज के लोग बडी संख्या पुलिस थाने में प्रदर्शन किया। दो घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद भी पुलिस का कोई भी जवाबदार अधिकारी बात करने के लिए नही पहुंचा।
वहीं बताया जा रहा है कि पुलिस गावं बांगरेड खेड़ा में किसी वारंटी को पकडने के लिए गई थी। उस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया। पथराव करने की घटना में तीनो युवको के शामिल होने पर पुलिस उन्हे उठाकर लाई है। पुलिस ने गुरूवार की रात को बांगरेड खेड़ा से करण पिता गोपाल चंदेल, पुखराज पिता गोपाल चंदेल और दिनेश पिता अमरसिंह चंदेल को उठाकर ले है।