नीमच। प्रख्यात साहित्यकार एवं पूर्व सांसद बालकवि बैरागी राजनेता होने के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना के कवि थे। उक्त विचार डॉ माधुरी चौरसिया ने आज बालकवि बैरागी महाविद्यालय में बालकवि बैरागी के 92 वें जन्मोत्सव पर विचार व्यक्त किए
उन्होंने कहा कि बैरागी ने संघर्षरत रहते हुए निरंतर साहित्य साधना के वे कुशल राजनेता भी थे तथा उन्होंने समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका अदा करते हुए मंत्री पद तक सुशोभित किया।
डॉ माधुरी चौरसिया ने आगे कहा कि स्व बालकवि बैरागी की कविताएं निराशा में आशा का संचार करती है और संघर्ष करने के लिए प्रेरित करती है। दीपक और सूर्य दादा की पसंदीदा पात्र रहे जिनका जिक्र उनकी सैकड़ों रचनाओं में किया गया। दादा बालकवि बैरागी के लिए शिवमंगल सिंह सुमन ने एक बार कहा बैरागी के एक फेफड़े में शंख है और दूसरे फेफड़े में बांसुरी हैं एक ओर दादा ओज के कवि थे दूसरी ओर अपनी मीठी कविताओं के माध्यम से सबके दिल में सुकून पहुंचा दिया करते थे।
ज्ञानोदय संस्थान के ग्रुप डायरेक्टर डॉ प्रशांत शर्मा ने कहा कि नीमच को बालकवि के नाम से जाना जाता है। बालकवि बैरागी का व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा दाई है। उन्होंने जीवन में कभी समझौता नहीं किया तथा मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहे। बैरागी का साहित्य प्रकाश में आना चाहिए तथा युवा अधिक से अधिक पढ़कर उनके आचरण को अपने जीवन में अपनाये।
बालकवि बैरागी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुरेंद्र शक्तावत ने कहा कि बैरागी मालवीय एवं हिंदी के प्रख्यात कवि रहे उसके साथ कुशल राजनेता के रूप में उन्होंने पहचान बनाई। तू चंदा मैं चांदनी जैसे गीत लिखने वाले बैरागी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र उन्होंने विश्व हिंदी सम्मेलन में भी शिरकत की।
ज्ञानोदय मनासा के प्राचार्य डॉ दिनेश तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बैरागी जीवन से प्रेरणा लेना चाहिए। जीआईएमटी के इंचार्ज प्राचार्य डॉ विनीता डावर ने बैरागी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनकी कविता का वाचन किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में नर्सिंग के प्राचार्य डॉ दिनेश पाटीदार, जीआईपीएस के इंचार्ज प्राचार्य सुरेंद्र पांडे, बालकवि बैरागी महाविद्यालय के उप प्राचार्य हेमंत प्रजापति, समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त प्राध्यापक एवं सभी विभाग से बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ श्रद्धा आर्य ने किया। कार्यक्रम के संयोजक प्रो संदीप सोनगरा तथा प्रो रवि चौरसिया ने किया। अंत में आभार प्रकट सुरेंद्र पांडे ने किया। उक्त जानकारी प्रो अनूप चौधरी ने दी।