भोपाल। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि बढ़ती गर्मी में लू की चपेट में आने से बचने के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, जूस और ओआरएस का घोल शरीर को पानी की कमी से बचाए रखता है। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा आदि अधिक पानी की मात्रा वाले फल और सब्जियां खाएँ। घर से निकलते वक्त पानी की बॉटल साथ रखें । घर से बाहर निकलते वक्त अपने सिर को टोपी, दुपट्टे, छाता, गमछा या किसी अन्य कपड़े से ढक कर ही निकलें, सीधी धूप में आने से बचें। अगर बाहर निकलना आवश्यक न हो, तो घर में ही रहें और आवश्यक काम हो सके तो सुबह और शाम करें। घर के ऐसे दरवाजे और खिड़कियाँ, जो सीधे धूप के प्रभाव में रहते हैं, उन्हें बंद रखें या पर्दे डालकर रखें। इन्हें रात में शुद्ध हवा के लिये खोलें।बच्चे, गर्भवती महिलाएं, मानसिक रोगी, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग आदि गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति अतिरिक्त सावधानी बरतें। लू लगने पर तापमान में बढ़ोतरी, घमोरियां, हाथ-पाँव और टखनों में सूजन, बेहोशी, मांसपेशियों में ऐंठन आदि हो सकती हैं।
हीट स्ट्रोक हृदय, श्वसन और किडनी के मरीजों को परेशानी में डाल सकता है। अगर आप धूप से आएँ हैं और चक्कर, बेहोशी, जी मचलाना, उल्टी, सिरदर्द, तीव्र, प्यास और साँस-धडक़न तेज हो गई है, तो फौरन ठंडे स्थान पर पहुँचे और ठंडे पेय पदार्थ लेना शुरू कर दें। खाना बनाते समय दरवाजा और खिडक़ी खोलकर रखें। चाय, काफी, साफ्ट ड्रिंक और जिनमें अधिक मात्रा में शक्कर होती है ऐसे पेय पदार्थों का सेवन न करें। यह पदार्थ शरीर के जल को कम करते हैं और पेट में मरोड़ उत्पन्न करते हैं। बासी भोजन करने से बचें। अधिकतम पानी का सेवन सर्वाेत्तम है। अगर एक घंटे से अधिक समस्या रहती है, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
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वॉइस ऑफ़ एमपी की मुहीम- बेज़ुबान पक्षियों के लिए दान करें सकोरे या फिर अपने मकान की छत पर रखे सकोरे, भीषण गर्मी में सुने इनकी फ़रियाद।