मंदसौर। जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा और गति मिलने लगी है। एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन (एमपीआईडीसी) द्वारा जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल भूखंडों की ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कदम से क्षेत्र में बैंक, होटल, रेस्टोरेंट, वेयरहाउस, शोरूम, ट्रांसपोर्ट कंपनियों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में उद्योगों के साथ-साथ व्यापारिक और सेवा क्षेत्र के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी नीति के तहत औद्योगिक क्षेत्रों को केवल फैक्ट्रियों तक सीमित न रखकर उन्हें पूर्ण व्यावसायिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
व्यापारिक गतिविधियों के लिए विकसित होंगे आधुनिक केंद्र-
जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में जारी ई-बिडिंग के तहत उपलब्ध भूखंडों पर बैंकिंग, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक, ऑटोमोबाइल सर्विस, ऑफिस और अन्य व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना हो सकेगी। इससे उद्योगों के साथ कार्यरत कर्मचारियों और निवेशकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से क्षेत्र में नए व्यापारिक अवसर विकसित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक इकाइयों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ सेवाओं की मांग भी बढ़ रही है, जिसकी पूर्ति अब इन कमर्शियल भूखंडों के माध्यम से की जाएगी।
निवेश और रोजगार के बड़े अवसर-
पिछले कुछ वर्षों में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। यहां अब तक 5900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनसे लगभग 15 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे।
फेज-1 में 136 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए गए हैं, जिनमें से 78 इकाइयां पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जिससे करीब 700 लोगों को रोजगार मिला है। वहीं फेज-2 में 219 प्लॉट प्रस्तावित हैं, जहां लगभग 1200 करोड़ रुपये के निवेश से 4500 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है।
मंदसौर बन रहा उभरता औद्योगिक केंद्र-
अधिकारियों ने बताया कि मंदसौर, जो अब तक कृषि प्रधान जिला माना जाता था, अब तेजी से औद्योगिक मानचित्र पर उभर रहा है। बेहतर आधारभूत संरचना और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते यहां उद्योगों के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों का भी विस्तार हो रहा है।
एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राठौड़ ने कहा कि यह पहल न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी नए अवसर उपलब्ध कराएगी। इससे मंदसौर का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा तथा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।