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June 9, 2026, 6:08 pm
BIG NEWS : एमपी विधानसभा में भारी हंगामा, कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन पर भाजपा की आपत्ति, छिड़ा सियासी संग्राम, पढे़ खबर 

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भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस मामले को लेकर दोनों ही दलों के शीर्ष नेता आमने-सामने आ गए हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।


तेलंगाना के मामले और महत्वपूर्ण जानकारी को छुपाया
भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस प्रत्याशी ने तेलंगाना में चल रहे एक कानूनी मामले (केस) की जानकारी को अपने हलफनामे में छुपाया है। इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा- “कांग्रेस ने जानबूझकर महत्वपूर्ण जानकारी को छुपाया है, जबकि उन्हें नियमों के तहत यह जानकारी देनी चाहिए थी। कांग्रेस ने चुनावी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन किया है। हालांकि, कांग्रेस ने भी इस आपत्ति पर अपना जवाब दाखिल किया है। अब अधिकारियों को तय करना है, एक बार फैसला आ जाने के बाद ही मैं आगे कुछ कहूंगा।”


नियमों और संविधान से परे रहना कांग्रेस की पुरानी आदत
वहीं, विधानसभा पहुंचे भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल और विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कांग्रेस को घेरा। नेताओं का कहना था कि उन्होंने पूरा अध्ययन करने के बाद ही लिखित आपत्ति दी है। रजनीश अग्रवाल ने सवाल उठाया कि भाजपा की ओर से भी तीन नामांकन भरे गए हैं, लेकिन उनमें कोई त्रुटि क्यों नहीं हुई? कांग्रेस अपनी गलती का ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ना चाहती है, क्योंकि नियमों और संविधान से परे रहना कांग्रेस की पुरानी आदत है।


कांग्रेस का पलटवाररू यह भाजपा का षड्यंत्र है, न्याय की जीत होगी
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भाजपा की इन तमाम आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया है। विधानसभा में दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता मुस्तैद रहे।कांग्रेस की आदिवासी विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने विधानसभा पहुंचकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा “भाजपा चुनाव जीतने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रही है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं है, यह पूरी तरह से भाजपा का एक और राजनीतिक षड्यंत्र है। भाजपा अब बेहद गिरी हुई राजनीति पर उतर आई है, लेकिन हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हर हाल में न्याय की ही जीत होगी। अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस के पास आगे के लिए भी कई कानूनी दरवाजे खुले हुए हैं।


विधायकों की ‘बाड़ेबंदी’ और सुरक्षा पर भी छिड़ी जंग
इस हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों को कर्नाटक भेजे जाने की चर्चाओं पर भी दोनों दलों में जुबानी तीर चले। मंत्री राकेश सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जो कांग्रेस पहले विपक्ष की भूमिका में निडर होने का दावा करती थी, वह अब आखिर क्यों डर रही है? विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्हें बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि मध्य प्रदेश सरकार सभी विधायकों की सुरक्षा की पूरी गारंटी लेती है और सरकार ने सभी को दो-दो सुरक्षाकर्मी भी मुहैया कराए हैं। इसके जवाब में कांग्रेस पक्ष का कहना है कि उनके विधायक फिलहाल अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के काम कर रहे हैं और कांग्रेस के विधायकों को कहां रहना है, यह तय करना पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी का अपना आंतरिक मामला है।


आगे क्या?
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आई इस आपत्ति के बाद अब गेंद पूरी तरह से रिटर्निंग ऑफिसर (निर्वाचन अधिकारी) के पाले में है। अधिकारी भाजपा की लिखित आपत्ति और उस पर कांग्रेस द्वारा दिए गए जवाब की समीक्षा कर रहे हैं। निर्वाचन अधिकारी का फैसला ही तय करेगा कि मध्य प्रदेश की राज्यसभा जंग का अगला ऊंट किस करवट बैठेगा।

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