इंदौर। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) इंदौर में मंगलवार को 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 2025-26 के समापन पर दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। लगभग एक वर्ष के प्रशिक्षण के बाद 984 नव आरक्षकों, जिनमें 788 महिला प्रशिक्षु शामिल हैं, ने शानदार परेड का प्रदर्शन कर पुलिस सेवा में प्रवेश किया।
डीजीपी मकवाना ने परेड की सलामी ली और निरीक्षण किया। इस अवसर पर एसपी वाहनी सिंह ने सभी नव आरक्षकों को कर्तव्य, अनुशासन और सेवा की शपथ दिलाई। अपने संबोधन में डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति जनता का विश्वास है, जिसे संवेदनशील व्यवहार और ईमानदार कार्यशैली से अर्जित किया जाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में साइबर अपराध और नशे की समस्या बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है, जिनसे निपटने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष और नैतिक रूप से मजबूत पुलिस बल की आवश्यकता है।
पुलिसकर्मी को उसके व्यवहार और चरित्र से पहचानता है समाज
उन्होंने नव आरक्षकों से कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक है। समाज पुलिसकर्मी को उसके व्यवहार और चरित्र से पहचानता है। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सबसे आधुनिक, संवेदनशील और विश्वसनीय पुलिस बनाने के संकल्प को दोहराया।
श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु हुए सम्मानित
समारोह के दौरान प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। डीजीपी ने पीटीसी इंदौर की कार्यप्रणाली और प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह और उनकी टीम की प्रशंसा की।
आरोहण कार्यक्रम में दिखाया साहस और कौशल
दीक्षांत परेड के बाद प्रशिक्षुओं ने आरोहण कार्यक्रम के तहत टीम भावना, शारीरिक दक्षता और साहसिक करतबों का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षुओं के अनुशासन और कौशल ने उपस्थित अतिथियों एवं परिजनों को प्रभावित किया।
समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) रवि कुमार गुप्ता, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, चंद्रशेखर सोलंकी, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, डीआईजी मनीष कुमार अग्रवाल, इंदौर ग्रामीण एसपी राजेंद्र कुमार वर्मा सहित अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षण) रचना भदौरिया ने आभार व्यक्त किया।