नीमच। जिला चिकित्सालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आमादा एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सदस्यों ने आज अपने खून से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम अपनी मांगों के समर्थन में पोस्टकार्ड लिखे।
उल्लेखनीय है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले 10 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जब उनकी मांग सरकार सुनने को तैयार नहीं है तब आखिरकार संविदा पर कार्यरत महिला एवं पुरुष स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए खून से पत्र लिखकर सरकार को याद दिलाया कि उनकी कैबिनेट द्वारा लागू की गई जून 2018 की संविदा नीति को अभी तक लागू नहीं किया गया है।
संविदा कर्मियों ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं कहा था कि संविदा की व्यवस्था अन्याय पूर्ण है, मैं शोषण की इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए संकल्पित हूं। बताते चलें कि वर्ष 2022 के अंत में संविदा कर्मी अपनी मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल पर बैठे थे। सरकार के आश्वासन के बाद इन्होंने हड़ताल समाप्त कर दी थी। लेकिन सरकार द्वारा मांगे नहीं माने जाने पर यह फिर आंदोलन पर उतारू हो गए हैं।
संविदा कर्मियों की मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा अधिकारी एवं कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर विभाग में रिक्त पदों पर समायोजन किया जाए। अन्य कर्मचारियों को जून 2018 की नीति अनुसार रेगुलर कर्मचारियों के समकक्ष 90 प्रतिशत वेतनमान तत्काल लागू किया जाए एवं सीएचओ कैडर को MLHP कैडर के तहत नियमित किया जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटाकर आउट सोर्स में लिए गए सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को पुनः राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मर्ज किया जाए अथवा विभाग में रिक्त पद पर समायोजन किया जाए एवं निष्कासित कर्मचारियों को शत-प्रतिशत वापस लिया जाए।
डॉक्टर रितेश सोनी ने कहा कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 4 मई को भोपाल में पूरे प्रदेश के संविदा कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे।
आज धरना स्थल पर अली असगर गोहर, चंदूपाल राठौर, डॉक्टर रितेश सोनी, अनिल डूंगरवाल, अंजलि पुरोहित, डॉ स्वाति जैन, द्रोपदी धाकड़, अरुणा शर्मा, ज्योति परिहार एवं बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।