मुरैना। झांसी रेल मण्डल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशुतोष ने गुरुवार को मुरैना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए। करीब दो घंटे तक डीआरएम ने मुरैना रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ लेकर स्टेशन क्षेत्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान बताया गया, कि प्लेटफार्म नंबर एक पर जो मुख्य भवन बना है, वह प्लेटफार्म के बीच में नहीं है। स्टेशन का भवन आगरा एण्ड की तरफ ज्यादा है, इसलिए नया भवन झांसी एण्ड की तरफ प्रस्तावित किया जाए। वर्तमान में रेलवे स्टेशन पर एक ही फुटओवर ब्रिज है, जिसकी लंबाई 12 मीटर है, इस फुटओवर ब्रिज को भी बड़ा किया जाएगा। इसके अलावा झांसी एण्ड की तरफ एक नया फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें प्लेटफार्म पर यात्रियों को चढ़ने व उतरने के लिए दो एक्सलेटर भी लगाए जाएंगे। मास्टर प्लान बना रही कंपनी के अधिकारी यह नहीं बता पाए कि उन्हें कौन-कौन से भवन तोड़ने हैं, उनकी जगह भवनाें को कहांं बनाया जाएगा। कौन-कौन से भवन ऐसे हैं जो यथावथ रहेंगे? इस पर डीआरएम आशुतोष ने नाराजगी जताते हुए मास्टर प्लान बना रही कंपनी के अफसरों से कहा, कि ऐसे काम करोगे तो हम कंपनी को टर्मिनेट कर, दूसरी कंपनी से काम करवाएंगे। इस दौरान कंपनी के अधिकारियाें ने कुछ फोटो दिखाए जिस पर डीआएम ने कहा, कि फोटो से काम नहीं चलेगा, 10 दिन में पूरा प्लान बनाकर मेरे आफिस आईए, मुझे व मेरी टीम को समझाइए, उसके तत्काल बाद काम शुरू करवाएंगे। रेलवे अफसरों ने बताया, कि वर्तमान में रेलवे के चार ट्रैक हैं, जिनकी संख्या बढ़कर सात हो सकती है। मुरैना रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या भी बढ़कर तीन से चार हो सकती है, लेकिन यह सभी मास्टर प्लान बनने के बाद तय होगा। डीआरएम ने बताया कि एक महीने में मास्टर प्लान बनाकर तैयार कर लेंगे।
निरीक्षण के दौरान मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति) डी पी गर्ग, वरिष्ठ मंडल इंजिनीयर आशुतोष चौरसिया, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं टेलिकॉम अभियंता अमित गोयल, वरिष्ठ मंडल इंजिनीयर सुधीर कुमार, वरिष्ठ मंडल बिजली अभियंता मयंक शांडिल्य आदि मौजूद थे।