कटनी। जिले के बहोरीबंद विधानसभा के रीठी विकासखण्ड अन्तर्गरत ग्राम पँचायत केना देवरीखुर्द के ग्रामीण को तालाब का गंदा पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्राम पँचायत नलजल योजना के अंतर्गत 77 लाख 31 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन पानी की टँकी तो बनाई गई। और नवीन निर्माण टंकी का ट्रायल भी किया गया किंतु आज तक ग्रामीणों को नवीन टंकी से पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा दरअसल निर्मित नवीन पानी की टंकी जिस ठेकेदार द्वारा बनाई गई उसे कन्स्ट्रक्शन के बाद ग्राम पंचायत के सुपुर्द नही किया गया। इस भीषण गर्मी में एक और पानी की त्राहि-त्राहि पूरे विधानसभा में विराजमान है तो वही शासन की योजनाओं को भी पतीला लगाते हुए अधिकारी नजर आ रहे हैं। वही जब इस विषय पर मीडिया ने अधिकारी से बात की तो अधिकारी ने क्या कहा वह भी आप सुने... अधिकारी को पूरी जानकारी होने के बावजूद मीडिया के सवाल पर अधिकारी जल्द से जल्द पानी की टंकी चालू करने की बात कर रहे हैं। अब बारिश का समय आने वाला है और पूरी गर्मी पानी की त्राहि-त्राहि से लोग परेशान हो चुके तब जाकर उसे चालू करने की बात की जा रही है तो वहीं स्थानीय भाजपा विधायक प्रणव पांडे से बात की गई तो उन्होंने ने भी अधिकारियों को ंब में बैठने का फरमान सुनाते हुए नल जल योजना की पूरी ना होने की बात कह डाली इतना सब विधायक को मालूम होने के बावजूद वर्तमान में उनकी सरकार है और उनका कहना है अधिकारी काम नही कर रहे तो यह समझ के परे है आपको विधायक ने क्या कहा हम यह भी सुनाते हैं लाडली बहनों को ₹1000 देने बस से कुछ नहीं होता जो ग्राम की जरूरत है ग्रामीणों के जीवन से जुड़ी हुई है अगर वही पूरी नहीं होंगी तो ₹1000 भी किस काम के आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं की जिस तालाब में पशु विचरण कर नहाते हो और तालाब में काई वा बकई से तालाब भरा हो और जिस पानी को वहां पहुंच रहे गंदे जानवर पी रहे है उस तालाब से ग्रामीण पानी भरने को विवश हो रहे हैं विडम्बना देखिए कि कटनी मुखयालय से महज 50 किलोमीटर दूर स्थित देवरीखुर्द के ग्रामीणों को भी इसी तालाब से पीने के पानी का करना इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
जिसका परिणाम ये है कि ग्रामवासी पीने के पानी गाँव के गन्दे पोखर तालाब से ही भरकर घरों को ले जा रहे है और तो और यही पानी पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे है,यही नही गांव में जितने भी सरकारी हेड पंप लगे हुए हैं वह सभी इस भीषण गर्मी में गर्म हवा के अलावा एक बूंद पानी नहीं दे रहे है जो वर्तमान में किसी काम के नहीं है। तो वहीं कुर्सी में बैठे अधिकारी का कहना है कि गांव में अधिकांश हेडपंप चालू है यह सब विधायक जी को जानकारी होने के बावजूद भी उनके मतदाता गंदे तालाब का पानी लाने पर मजबूर हो रहे है। इसके अलावा ग्रामीणों का कहना है अगर साफ स्वच्छ पानी लाना हो तो इसके लिए गांव वालों को 2 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है,विवस होकर गाँव के लोग अपना जीवन निर्वाह इस तालाब के पानी से ही अपनी पीने के पानी की पूर्ति कर रहे है।
सरकार की अहम योजना नलजल योजना को सुचारू रूप से न ठेकेदार न अधिकारी धयान देकर समय पर ग्राम पँचायत को हैंडओवर किया गया न ही बिजली की व्यवस्था की गई।
बरहाल इस क्षेत्र की ग्रामीण जनता अधिकारी व ठेकेदार के इस मनमानी रवैया से परेसान जरूर हो रही है।
इस मामले को सम्बंधित कार्यपालन अधिकारी को अवगत कराया गया तो हरकत में आये और दो दिन बाद टँकी को चालू कराने की बात कह डाली,इससे पूर्व इन अधिकरियो को ठेकेदार के उदासीन रवैया से ग्रामीण जन नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे थे।