नीमच। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने रोजाना यातायात पुलिस मय अमले के साथ शहर के मुख्य मार्गो से निकलती है। इस दौरान मार्ग को अवरुद्ध कर रहे अव्यस्थित खड़े वाहन व शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए चालकों हो समय समय पर हिदायत भी दी जाती है। इसके आलावा कई वाहन चालकों पर कान्नोनी करवाई भी की जाती है। बावजूद इसके यातायात व्यवस्था में कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है।
नीमच शहर में सबसे पहले आता है मूलचंद मार्ग। यह मार्ग शहर के दो मुख्य और आवश्यक स्थानों को भी जोड़ता है। जिसमे कृषि उपज मंडी और शहर का रेलवे स्टेशन शामिल है। साथ ही इस मार्ग से नगर पालिका के 5 पार्षद भी जुड़े हुए है। लेकिन इस मार्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस मार्ग से लगातार भारी वाहन अनाधिकृत प्रवेश करते है। जबकि इस मार्ग से भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतया वर्जित है। यातायात विभाग के नाक के नीचे ट्रक चालक इस मार्ग उपयोग चोर रास्ते के रुप में कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि इस मार्ग पर कभी यातायात का अमला कार्रवाई नहीं करता है।
चिंता की बात तो यह है कि इस मार्ग पर दिनभर लोगों का आवागमन रहता है। छोटे-छोटे बच्चे भी खेलते है। यहां से तकरीबन 50 से 60 ट्रकों का आवागमन प्रतिदिन होता है। रहवासी क्षेत्र होने से भीड़ भी यहां रहती है। पूर्व में भी इस मार्ग पर कई बड़े हादसे हो चुके है। ट्रक से दुर्घटना में एक बच्चे की मौत भी हो गई थी। अगर ऐसा ही चलता रहा तो फिर दुर्घटना होने पर जिम्मेदार किसको ठहराया जाएगा।
मूलचंद मार्ग पर बस स्टैंड के सामने प्रवेश होने वाले रास्ते पर पहले एक लोहे की रैलिंग लगी थी, जिसके कारण भारी वाहन यहां प्रवेश नहीं कर पाते थे, उसे भी जिम्मेदारों ने हटवा दिया। वहीं लोहे की रेलिंग के लिए नपा में कई बार आवेदन दिए लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई।
इधर यातायात थाने पर भी 3 से 4 बार शिकायत की गई है और एक जवान की नियुक्ति के लिए भी बोला था जिसके बाद यातायात प्रभारी मोहन भर्रावत ने बताया कि जल्द ही मार्ग पर चालानी कार्रवाई कर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत बंद किया जाएगा। पूर्व में लगी लोहे की एंगल को भी फिर लगाया जाएगा, लेकिन अब तक यहाँ ऐसा कुछ नहीं हुआ। इन भारी वाहनों की वजह से आसपास के रहवासी और दुकानदार ज्यादा परेशान हो गए है। शायद अब नपा और यतायात विभाग को बड़ा हादसा होने का इंतजार है। अधिकारियों को चाहिए कि इस मार्ग पर लोहे की रैलिंग फिर लगवाई जाये और यातायात विभाग को भी अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए इस मार्ग पर भारी वाहनों को रोकने के लिए कार्रवाई करना चाहिए।