शाजापुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के द्वारा प्रेषित एक्शन प्लान ऑन शिविर वर्ष 2023-24 के पालन में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष ललित किशोर के मार्गदर्शन में एवं जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर राजेन्द्र देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी फारूक अहमद सिद्दीकी के विशिष्ट आतिथ्य में गत दिवस 11 जुलाई को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुपाड़ा शाजापुर में विधिक जागरूकता सह विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर की शुरूआत विद्यालय की छात्राओं के द्वारा मॉ सरस्वती वंदना कर मॉ सरस्वती के छायाचित्र पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्जवलित कर की गई। जिसमें विद्यालय के प्राचार्य दिनेश पालीवाल ने उपस्थित, शिक्षकगण, छात्र/छात्राओं को आयोजित हो रहे शिविर की भूमिका एवं इसके उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी। कार्यक्रम में शिविर के मुख्य अतिथि राजेन्द्र देवड़ा के द्वारा बच्चों को अनुशासित रहकर अपने भविष्य का निर्माण करने तथा सोशल मीडिया एवं संचार के साधनों को सीमित एवं उपयोगिता पूर्ण इस्तेमाल करने की हिदायत दी। विद्यार्थियों को नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा योजना एवं उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2015 विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी देते कहा कि आज के बच्चे कल के भविष्य हैं क्योकि शिक्षा से ही अधिकार प्राप्त किए जा सकते हैं, क्योकि शिक्षा सफलता की ऐसी कुजी है, जिससे हर मुसीबत का ताला खोला जा सकता है। आगे बताया कि कानून अपने आप में एक समंदर है, सभी कानूनों को विस्तारपूर्वक जानना संभव नहीं है, किन्तु कुछ मूलभूत कानूनों के बारे में आवश्यक रूप से अवगत होना चाहिए इससे अपने आप के साथ-साथ समाज में भी जागरूकता आती है। हम कानून के मूलभूत जानकारी के आधार पर अपराध करने से बच सकते हैं, यह जानकारी मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसके साथ ही आगे उन्होंने बताया कि वर्तमान में छोटे उम्र के लड़के-लड़कियां भी अपराध कर रहे हैं, जिस वजह से हम ऐसे अंधेरे में फंस जाते हैं, जिनका कोई अंत नहीं है। यदि कोई व्यक्ति आपसे गंदी बातें करता है अथवा अन्य तरीके से छूने की कोशिश करता है, तो उसका विरोध तुरंत करना चाहिए, आपकी खामोशी अपराधी का हौसला बढ़ाती है। छात्र जीवन में अनुशासन अत्यंत आवश्यक है, अनुशासन के आधार पर ही छात्र अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। असफलता से घबराना नहीं चाहिए निरंतर प्रयास करने से ही सफलता मिलती है। इसके अतिरिक्त महिलाओं से संबंधित कानून, सम्पत्ति, पोस्कों एक्ट, वसीयत आदि प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
शिविर में उपस्थित विशिष्ट आतिथ्य जिला विधिक सहायता अधिकारी फारूक अहमद सिद्दीकी ने विद्यार्थियों के हितार्थ बनाये गये कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया और बच्चों की शिक्षा व अपने मत की उपयोगिता तथा अ.जा., अ.ज.जा., महिला, बालक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े आदि पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाजापुर के कार्यालय में उपस्थित होकर निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लैंगिक अपराधों के साथ ही मध्यप्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के प्रावधानों को विस्तार से समझाया।
उक्त कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के सहायक शिक्षक जगदीशचंद्र पाल द्वारा किया गया एवं आभार विद्यालय की प्राचार्या दिनेश पालीवाल ने माना। इस अवसर पर विद्यालय के स्टॉफ राघवेंद्र ठाकुर, अर्जुन प्रजापत, हर्षा श्रीवास्तव, माया गोस्वामी, निखत कुरेशी, सीमा पुरोहित, श्याम राठौर, जितेंद्र चौहान, जितेंद्र परमार, अलका भाटी, समीम आरा खान इत्यादि शिक्षकगण उपस्थित थे।