नीमच। मध्य प्रदेश में स्कूल चले हम और बेटी पढ़ाओ का नारा अब बच्चों के लिए बेमानी साबित हो रहा है। जिले के हजारों बच्चे बिना यूनिफार्म स्कूलों में नहीं जा पा रहे। इस बात की शिकायत जिले की कांग्रेस नेत्री मधु बंसल तक पहुंची तो उन्होंने इस पर संज्ञान लिया। जो बातें सामने आई वह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
प्रदेश में सरकारी स्कूलों का अच्छा स्तर तो सिर्फ कागजों में ही दिखता है लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। नीमच जिले के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है। नियुक्तियां नहीं होने से जिले के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और ऐसे में अब एक और कारनामा बच्चों की परेशानी का सबब बन गया है। जिले के हजारों बच्चों को पिछले 2 सालों से सरकारी यूनिफॉर्म नहीं मिल पाई है।
सरकारी पैसों का दुरुपयोग और बर्बादी के बारे में बंसल ने बताते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को प्रति छात्र 2 यूनिफार्म प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है लेकिन नीमच जिले में वर्ष 2022-23 में आज दिनांक तक बच्चों को यूनिफॉर्म ही नहीं दी गई और तो और वर्ष 2021-22 की यूनिफार्म बच्चों को जुलाई 2023 (नवीन शिक्षा सत्र 2023-2024) में वितरित की जा रही है जो इन बच्चों के किसी काम की नहीं क्योंकि जो बच्चे 2021-2022 में पांचवी कक्षा में पढ़ते थे वह बच्चे आज सातवीं कक्षा में पहुंच चुके हैं, उन बच्चों को अब कक्षा 5 के मान से यूनिफॉर्म दी जा रही है जो कि बच्चों को छोटी पड़ रही है और बच्चे यूनिफार्म नहीं पहन पा रहे हैं। इस कारण शिक्षक, पालक और विद्यार्थी सभी परेशान है। बच्चों के पालक विद्यालयों में आकर शिक्षकों को शिकायत कर रहे हैं, इस प्रकार जनता की गाढ़ी कमाई और शासकीय रुपए बर्बाद कर दिए गए।
बंसल ने आगे बताया कि पैसों की बर्बादी का आंकलन आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यदि एक बच्चे की प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म का खर्च करीब-करीब 500 से 700 रुपए मान लिया जाए तो यह राशि करोड़ों रुपए होगी। नीमच जिले में वर्ष 2021-2022 में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चे जावद ब्लॉक में 31297, मनासा ब्लाक में 36228 तथा नीमच ब्लॉक में 31927 बच्चे अध्ययनरत थे। इस प्रकार तीनों ब्लॉक में अध्ययनरत बच्चों का आंकड़ा कुल 101446 था। वहीं वर्ष 2022-2023 में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों की संख्या जावद ब्लॉक में 30627, मनासा ब्लाक में 36332 तथा नीमच ब्लॉक में 33592 सहित जिले में कुल 100550 बच्चे थे। यह आंकड़े मात्र नीमच जिले भर के हैं इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रदेश में इन बच्चों की यूनिफार्म के नाम पर कितने रुपए बर्बाद कर दिए गए और कितने रुपए डकारे गए? इसके बावजूद बच्चों की शिक्षा का स्तर ऊंचा नहीं उठ पा रहा और सीएम साहब सिर्फ सीएम राइस स्कूलों के नाम पर नई बिल्डिंगों के बनाने की घोषणा कर अपने आप की पीठ थपथपा रहे हैं। शिवराज सरकार प्रदेश के सामान्य सरकारी स्कूलों की हालात नहीं सुधारी पा रही तो सीएम राइस स्कूलों की स्थिति क्या बनेगी? यह एक विचारणीय प्रश्न है।
मधु बंसल ने कलेक्टर से यूनिफॉर्म घोटाले की जांच कर शिक्षा विभाग के जवाबदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने जिलाधीश से बच्चों को शीघ्र व्यवस्थित यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की।