जबलपुर। सामाजिक समरसता का संदेश देने महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी के नेतृत्व में 16 अगस्त से जबलपुर जिले में जन अभियान परिषद के संयोजन में निकाली जा रही स्नेह यात्रा आज रविवार को पांचवे दिन कुंडम विकासखंड के ग्राम अमझर से प्रारंभ हुई और इस यात्रा ने ग्राम आमाखोह से विकासखंड पनागर में प्रवेश किया। ग्राम आमाखोह में स्नेह यात्रा का ग्रामीणों ने कलश लेकर एवं पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
पांचवे दिन की स्नेह यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर संवाद के कार्यक्रम आयोजित किये गये। पिपरिया में आयोजित संवाद के कार्यक्रम में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि समाज में जात- पात एवं उंच-नीच का कोई स्थान नहीं है। कोई जाति छोटी बड़ी नहीं होती हम सब एक ही है। सामाजिक समरसता में व्यक्ति और समाज की अहम भूमिका होती है।
स्नेह यात्रा के दौरान आयोजित जन संवाद के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं पुरुषों के मध्य महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने कहा कि व्यक्ति कभी भी जाति बिरादरी के कारण महान नहीं होता। वह तो अपने गुण और कर्मों से महान होता है। स्वामी अखिलेश्वरानंद ने अनेक प्रसंगों का उदाहरण देते हुए भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख किया तथा संतों, महात्माओं एवं श्रेष्ठ महापुरुषों का स्मरण करते हुए उनके द्वारा किये गये समाज सुधार के कार्यों को रेखांकित किया।
जन संवाद के इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सामाजिक चिंतन पर आधारित प्रदेश में स्नेह यात्रा के उद्देश्य भी बताये गये। स्नेह यात्रा पिपरिया से होते हुए सोनपुर, वीरनेर, सुंदरपुर, रिठौरी पहुंची जहां आमजन को संबोधित किया गया। यात्रा में स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि वे समरसता का भाव जगाने पहुंचे हैं। इस दौरान गौ पालन के महत्व को भी बताया गया। स्नेह यात्रा के पांचवे दिन का अंतिम पड़ाव पनागर था जहां स्वामी अखिलेश्वरानंद जी ने रात्रिकालीन जन संवाद के कार्यक्रम को संबोधित किया।
सोमवार को पनागर विकासखंड के बारह गांवों का भ्रमण करेगी स्नेह यात्रा-
सामाजिक समरसता का संदेश देने जबलपुर जिले में 16 अगस्त से महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद जी के नेतृत्व में निकाली जा रही स्नेह यात्रा छठवें दिन सोमवार 21 अगस्त को पनागर विकासखंड के ग्राम बरोदा से प्रारंभ होगी और भिडारी कला, सलैया, कालाडूमर, पुरैना, सिमरिया मनकवारा, सिंगौद, डुंगरिया, तिवारीखेड़ा, कुशनेर, बड़खेरा होते हुये ग्राम बड़खेरी पहुंचेगी। इस दौरान स्नेह यात्रा के इन सभी पड़ावों पर ग्रामीणों के साथ संवाद के कार्यक्रम भी होंगे।