चित्तौड़गढ़। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रतापनगर स्थित ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र में योग एवं आध्यात्मिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता करते हुए योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।
इस अवसर पर सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल एक दिवस मनाने का विषय नहीं है, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने सभी को योगयुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए नियमित योगाभ्यास का संकल्प दिलाया।
आशा दीदी ने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ ‘जोड़ना’ है। यह आत्मा का स्वयं से, शरीर से और अपने संबंधों से सकारात्मक रूप से जुड़ने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि व्यक्ति की सोच और भावनाओं का सीधा प्रभाव उसके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। जब तन और मन स्वस्थ होते हैं, तब जीवन में संतुलन, मधुरता और सकारात्मकता स्वतः विकसित होती है।
उन्होंने आगे कहा कि सबसे श्रेष्ठ योग आत्मा का निराकार परमपिता परमात्मा शिव से जुड़ना है। परमात्मा से प्राप्त आध्यात्मिक शक्ति व्यक्ति के तन, मन, संबंधों और संपूर्ण जीवन को सुखी, स्वस्थ एवं शक्तिशाली बनाती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया तथा योग को दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। अंत में आशा दीदी ने कहा कि राजयोग मनुष्य को जीवन जीने की श्रेष्ठ कला सिखाता है और सकारात्मक, संतुलित एवं सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है।