नीमच। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ‘पावन धाम’ स्थित विशाल सद्भावना सभागार की छत पर आयोजित गहन राजयोग तपस्या कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर शांति, एकाग्रता और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी संस्थान की सब-जोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि योग और प्राणायाम का अपना विशेष महत्व है, लेकिन राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का संपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग का अर्थ मिलन है और राजयोग में आत्मा का सर्वशक्तिमान परमात्मा से मिलन होता है, जिससे व्यक्ति का निजी, पारिवारिक और सामाजिक जीवन सुख, शांति और सकारात्मकता से भर जाता है। साथ ही उसका चरित्र भी ऊंचाइयों को प्राप्त करता है।
संध्या से रात्रि तक चले इस विशेष राजयोग तपस्या कार्यक्रम में उपस्थित ब्रह्मावत्सों ने दो घंटे से अधिक समय तक गहन एकाग्रता और आत्मिक शांति का अनुभव किया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभी साधकों को आत्मस्मृति का तिलक लगाकर आध्यात्मिक प्रेरणा प्रदान की। वहीं बी.के. सुरेंद्र भाई ने माउंट आबू से प्राप्त प्रसाद वितरित कर सभी का मुंह मीठा कराया।
कार्यक्रम का संचालन बी.के. श्रुति बहन ने किया। आयोजन का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति और सकारात्मकता से ओत-प्रोत रहा।