जीरन। मीणा समाजजन बुधवार को तहसील कार्यालय जीरन पहुंचकर तहसीलदार को देश के गृह मंत्री अमित शाह के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में बताया गया कि मप्र में मीणा समाज आजादी के पूर्व से निवास कर रही है, लेकिन जब राज्यों का गठन हुआ तो मध्यप्रदेश छोड़कर शेष सभी राज्यों में मीना समाज को आदिवासी कोटे में रखा गया। पूर्व में सिरोंज लटेरी क्षेत्र के मीणा समाज के लोगों को अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ दिया जाता था। लेकिन 2003 में सरकार ने बिना कोई सूचना के इसे समाप्त कर दिया। जबकि हमारे पड़ोसी राज्य राजस्थान में मीणा समाज अनुसूचित जनजाति में शामिल है। मध्यप्रदेश के 32 जिलों में 42 लाख से ज्यादा मीणा समाजजन मध्यप्रदेश में निवासरत हैं। ज्ञापन में मांग की है कि मध्यप्रदेश में मीणा समाज को भी राजस्थान व अन्य राज्यों की भांति आदिवासी सूची में सम्मिलित किया जावे।
मप्र मीणा समाज सेवा संगठन जिला नीमच के जीरन तहसील अध्यक्ष वरदीचंद मीणा, जिला युवा उपाध्यक्ष मनोहर रावत, जीरन तहसील युवा अध्यक्ष जमनालाल रावत, गोवर्धन रावत एवं बड़ी संख्या में समाजजन तहसील कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।