भवानीमंडी। भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के नेत्रदान अंगदान जागरूकता अभियान के सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होने लगे हैं एवं नगरवासी नेत्रदान के साथ-साथ अंगदान की ओर भी प्रेरित हो रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को भवानीमंडी निवासी महिला रितु गुप्ता ने अपने जन्मदिन पर नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लेकर प्रेरणास्पद कार्य किया है।
संकल्पकर्ता रितु गुप्ता ने बताया कि भवानीमंडी में चल रही नेत्रदान जागरूकता से प्रभावित होकर उन्होंने अपने जन्मदिन पर नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए नेत्रदान प्रभारी कमलेश दलाल से संपर्क किया, परंतु जब जानकारी प्राप्त हुई कि नेत्रदान के साथ-साथ अंगदान का भी संकल्प लिया जा सकता है और यह 12 लोगों को नया जीवन दे सकता है तो उन्होंने नेत्रदान के साथ-साथ अंगदान का भी संकल्प लिया, इस अवसर पर उनकी देवरानी भगवती गुप्ता सहित पूरे परिवार ने उनकी इस कार्य की सराहना की। नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लेते हुए रितु गुप्ता ने कहा कि मृत्यु के बाद हमारा शरीर जलकर नष्ट हो जाता है ऐसे में यदि यह किसी को नया जीवन प्रदान कर सके तो यह परोपकार का सबसे बड़ा कार्य है, इसीलिए आज जन्म दिवस पर नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लिया है।
भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र कमलेश दलाल ने बताया कि यह वर्ष का 34 वां अंगदान का संकल्प है, नेत्रदान की तरह अन्य अंगो का भी दान होता है जहाँ नेत्रदान मृत्यु के पश्चात होता है, वहीं अंगदान मृत्यु से पहले केवल अंगदाता के ब्रेनडेथ कंडीशन में होने पर ही हो पाता है, किसी दुर्घटना या अन्य कारण से अंगदाता के ब्रेनडेथ घोषित होने पर अंगदान परिजनों की सहमति से बड़े हॉस्पिटल में ही होता है, इसमें अंगदाता के कॉर्निया (नेत्र) के साथ-साथ हॉर्ट, लंगस, किडनी, लीवर, पेनक्रिया, इंटेस्टाइन, हार्ट वाल्व, बोन्स, स्किन आदि का उतत्सरण करके देह (डेड बॉडी) वापस परिजनों को सौंप दी जाती है, और शरीर के इन अंगों को जरूरतमंद मरीजों को ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है, इस प्रकार एक अंगदान से 12 लोगों को नई जिंदगी दी जा सकती है, नेत्रदान के साथ-साथ अंगदान के संकल्प के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़ती जा रही है और वर्तमान समय में भारत विश्व का सर्वाधिक अंगदान संकल्प करने वाला देश बन चुका है, वहीं भवानीमंडी में अभी तक 350 से अधिक नागरिक अपने अंगदान का संकल्प ले चुके हैं। अंगदान की महत्वता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने अंगदान जीवनदान महाअभियान कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे प्रदेश में विशेष अंगदान जागरूकता कार्यक्रम को संचालित किया है। जिसके प्रभावशाली परिणाम प्राप्त हुए हैं।