नीमच। जिले की सिंगोली तहसील में स्वीकृत बाणदा बांध के निर्माण को निरस्त करवाने की मांग को लेकर गुरुवार को आदिवासी संगठन जयस के कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वहां अर्द्ध नग्न होकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि संयुक्त कलेक्टर राजेश शाह को एक ज्ञापन दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जयस के कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि शासन की योजना अनुसार ग्राम बाणदा में बांध बनाना स्वीकृत हुआ है। यह बांध ग्रामीणों की बिना सहमति से बनाया जा रहा है। इस संबंध में एक आपातकालीन ग्राम सभा ग्राम पंचायत के चोपाल पर रखी गई थी। जिसमें सर्वसम्मति से बांध निर्माण के फैसले को निरस्त करने का निर्णय लिया गया था। बाणदा बांध परियोजना से लगभग एक हजार से ज्यादा आदिवासी परिवार प्रभावित होंगे। इससे उनकी कृषि भूमि, गांव के बने मकान, सार्वजनिक तथा धार्मिक स्थल भी प्रभावित होंगे। पशुओं के लिए चारागाह की जमीन नहीं बचेगी और वह डूब क्षेत्र में चली जाएगी। ग्रामीण बांध निर्माण पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन के अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है।
10 दिन में नहीं हुआ निरस्त तो करेंगे आंदोलन-
जयस ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिन में बाणदा बांध परियोजना को निरस्त नहीं किया गया तो सर्व आदिवासी समाज महा आंदोलन करेगा। जिसकी जवाबदारी शासन की होगी। ज्ञापन देने के अवसर पर आदिवासी समाज जयस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्राम बाणदा, झोपड़िया, जेतलिया के आदिवासी मौजूद रहे।