खरगोन। जीवन मे पढ़ने का क्या महत्व है उसकी समझ रेखा बाई को बैंक में लाडली बहना खाता खोलने गई जब पता चला जब पढ़ने का महत्व समझ मे आया। तो शा प्रा वि ओटा बड़गांव (आदिवासीफाल्या) स्कूल के प्रधान पाठक नानसिंह मण्डलोई से संपर्क किया तो उन्होंने नवभारत साक्षर कार्यक्रम के माध्यम से नवसाक्षर बन कर पढ़ना सीखा। यह बात रविवार को नवभारत साक्षरता परीक्षा में शामिल रेखा बाई ने कही। परीक्षा में शामिल कुसुंमबाई रामेश्वर ने कहा कि घर में अकेली रहती थी और मोबाइल चलाना नहीं आता था इसलिए पढ़ना लिखना सीखा।
बी आर सी राजाराम का दोड़े ने कहा कि इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश 100ः साक्षर होगा। रविवार को बी आर सी राजाराम का दोड़े, साक्षरता प्रभारी यशवत सिटोले, बी ए सी मुकेश यादव, जनशिक्षक राजेन्द्र राठौड़, प्रवीण कुशवाह, व प्रधान पाठक नानसिंह मंडलोई उपस्थित थे। कसरावद ब्लाक में 4058 नवसाक्षरो का परीक्षा में सम्मिलित होने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से लगभग 3775 शामील हुऐ ।