भोपाल। मध्यप्रदेश बीजेपी में टिकट बंटवारे को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। प्रदेश की 22 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है। नाराज नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने बीजेपी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जॉइन कर ली।
इधर छतरपुर की चंदला सीट से टिकट कटने पर बीजेपी विधायक राजेश प्रजापति फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने करोड़ों रुपए में टिकट बेचने का आरोप लगाया है।
छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा सीट से भाजपा ने मौजूदा विधायक राजेश प्रजापति का टिकट काटकर दिलीप अहिरवार को प्रत्याशी बनाया है। टिकट कटने पर विधायक के आंसू छलक आए। विधायक प्रजापति सोमवार को चंदला क्षेत्र के प्रसिद्ध आल्हमदेवी मंदिर में अपने समर्थकों के साथ दर्शन करने आए थे। यहां पत्रकारों ने उनसे टिकट कटने पर सवाल किया तो उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि वे 2018 के चुनाव में अकेले ऐसे प्रत्याशी थे, जिसने जिले में भाजपा की नाक बचाई थी।
विधायक ने कहा कि तीन दिन पहले मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने उन्हें टिकट का आश्वासन देकर भोपाल से क्षेत्र में भेज दिया था, लेकिन फिर कुछ लोगों ने उनका टिकट कटवा दिया। इस दौरान विधायक के समर्थकों ने वीडी शर्मा मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। बता दें कि चंदला से बीजेपी ने दिलीप अहिरवार को प्रत्याशी बनाया है।
मध्यप्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता रुस्तम सिंह ने भाजपा छोड़ दी। वे सोमवार को बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए। रुस्तम सिंह अपने बेटे राकेश सिंह के लिए मुरैना से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने यहां से रघुराज कंषाना उतार दिया। कंषाना 2018 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ठश्रच् जॉइन कर ली थी। उपचुनाव में उन्हें कांग्रेस के राकेश मावई से हार का सामना करना पड़ा था। रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह मुरैना से बसपा प्रत्याशी हैं।