देवास। मौलाना अब्दुल कलाम आजाद देश के ऐसे पहले शिक्षा मंत्री रहे हैं जिन्हें जब देश विरासत में मिला तब शिक्षा के क्षेत्र में हम बहुत पिछड़े थे। सबसे पहले उन्होंने इस चुनौती का सामना करते हुए देश को साक्षर बनाया सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ते हुए आमूल चूल परिवर्तन करते हुए शिक्षा को इस शिखर तक पहुंचा दिया कि शिक्षा के रास्ते देश विकास की ओर अग्रसर होने लगा। ऐसे महापुरुष के शिक्षा के प्रति योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उक्त विचार शहर कांग्रेस द्वारा मौलाना अब्दुल कलाम आजाद की जयंती शिक्षा दिवस के रूप में बनाते हुए पर्यवेक्षक अभय छाजेड़, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी, अजीत भला, डॉ मंसूर शेख सहित वक्ताओं ने व्यक्त करते हुए कहे। सर्वप्रथम कांग्रेस अध्यक्ष राजानी पर्यवेक्षक देवेंद्र नेगी ने अब्दुल कलाम आजाद के चित्र पर माल्यार्पण किया। वहीं, उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।