धार। विधानसभा चुनाव को लेकर बीते कई दिनों से चल रहा जोर-शोर अब अंतिम चरणों मे चल रहा है। बुधवार शाम को प्रचार प्रसार का दौर थम जाएगा। 17 नवबंर को मतदान होगा। ऐसे में भाजपा व कांग्रेस दोनों दल कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। भाजपा की ओर से वर्तमान विधायक व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव मैदान में है, वही कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक भंवरसिंह शेखावत मैदान में है।
भाजपा अपनी यह सीट बरकरार रखना चाहती है। वही कांग्रेस यह सीट भाजपा से वापस लेने की रणनीति पर काम कर रही है। दत्तीगांव 1998 में पहला चुनाव लड़े थे। अब तक हुए 6 विधानसभा के चुनाव में वे 4 बार जीत चुके है। वही शेखावत का यह तीसरा चुनाव है। 2013 में पहली बार विधायक बने थे। किंतु 2018 में उन्हें बड़ी हार मिली थी। अब दोनो तीसरी बार आमने सामने चुनावी मैदान में है।
बदनावर विधानसभा के मतदाताओं की संख्या कुल मतदाता 2 लाख 20 हजार 678 है। इसमें महिला मतदाता की संख्या 1 लाख 9 हजार 502 है। वही 1 लाख 11 हजार 171 पुरुष मतदाता है। वही 5 अन्य मतदाता भी है। विधानसभा क्षेत्र में इस बार कुल 248 मतदान केंद्र बनाए गए है।
भाजपा अपने अभेद गढ़ माने जाने वाले कानवन की चामला पट्टी व सादलपुर क्षेत्र के बुथो पर जीत का परचम बरकरार रखने की रणनीति पर काम कर रही है। यह दोनों इलाके भाजपा के गढ़ माने जाते है। वही कांग्रेस की नजर आदिवासी बाहुल्य पश्चिम पट्टी पर है। यह इलाका वैसे तो वर्षाे से कांग्रेस का गढ़ रहा है। लेकिन कांग्रेस के इस अभेद गढ़ में गत 2020 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने इस इलाके में जमकर सेंधमारी कर जीत का परचम लहराया था। किन्तु अब कांग्रेस पुनः अपने इस गढ़ में अपनी जीत बरकरार रखने को लेकर काम कर रही है।
कांग्रेस की ओर से इस क्षेत्र में कमान प्रत्याशी शेखावत के पुत्र संदीप शेखावत ने संभाल रखी है। वहीं भाजपा की ओर से प्रत्याशी दत्तीगांव के छोटे भाई हर्षवर्धन सिंह दत्तीगांव पश्चिम क्षेत्र में कई दिनों से सक्रिय है। दोनों दलों की नजर इस इलाके पर है।