चित्तौड़गढ़। बोजुन्दा पॉलिटेक्निक कॉलेज में स्थित श्री कालभैरव (श्री काला जी बावजी) देव स्थल पर कालभैरव जन्मदिवस अष्टमी के अवसर पर प्रातर 9 बजे हवन, पूजन, अनुष्ठान सायं 4 बजे से महा प्रसाद व रात्रि 8 बजे से भजन संध्या का आयोजन किया गया। आयोजन में आसपास व दूर दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
भोपाजी बाबूलाल जटिया सतखंडा ने बताया कि श्री काल भैरव जन्म अष्टमी पर श्री काला बावजी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह हवन व भैरव अनुष्ठान, अभिषेक किया गया। शाम को महा आरती व भोग के बाद महाप्रसाद आयोजन किया। जबकि रात्रि में आयोजित भजन संध्या में भजनों पर भक्त झूम उठे। सर्दी के बावजूद देर रात तक भक्ति रस गंगा बहती रही।
बोजुन्दा में स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में अति प्राचीन श्री काल भैरव ( श्री काला बावजी) मंदिर अति प्राचीन और चमत्कारिक देवस्थल है। यहां प्रत्येक शनिवार को बावजी की गादी लगती है।
उल्लेखनीय है कि अति प्राचीन इस धर्म स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का वर्ष भर आवागमन रहता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले के आसपास ही नहीं, बल्कि राजस्थान सहित मुंबई, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों से यहां श्रद्धालु आते हैं और अपनी मनोकामना की पूर्ति पर धन्य होते हैं।
मान्यता है कि यहां श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है, और दैहिक, दैविक, भौतिक कष्टों से मुक्ति भी मिलती है।