गरोठ। नगर में आर्य समाज गरोठ के तत्वाधान में श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। श्री राम कथा बुधवार को शाम 7.30 बजे से शुरू हुई। कथा में पधारे मुख्य अतिथियों ने करनाल हरियाणा से पधारी विदुषी अंजली आर्य का पुष्पाहार भेंट कर स्वागत किया गया। कथा की शुरुआत विदुषी अंजली आर्य ने अपने जाने-माने अंदाज में की। शुरुआत में ही उन्होंने प्रभु स्मरण के भजन ओम नाम जप ले सुबह शाम जप ले यूं ही सारी उमर चली जाए ना से कथा की शुरुआत की।
पहले दिन की कथा में आर्य प्रभु श्री मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बालकांड का वर्णन किया। आपने इसमें यज्ञ की महत्वता को बताया आपने बताया कि सुसज्जित अयोध्या नगरी, नगरी ऐसी की हर कोई संपन्न जहां का हर व्यक्ति ईमानदार जिसके राजा महाराज दशरथ महाराजा दशरथ ने वेद विरुद्ध तीन विवाह किए फिर भी उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हुई। महाराज को कोई संतान न होने से सभा में चिंतन मनन होने लगा जहां हमारा दशरथ के मंत्री ने राजा दशरथ को पुत्रेष्टि यज्ञ का सुझाव प्रस्तुत किया जिस पर महर्षि वशिष्ठ ने भी इसको लेकर हामी भरी फिर चिंतन इस बात का हुआ कि पुत्रेष्टि यज्ञ करवाएगा कौन चिंतन मनन के बाद आयुर्वेद के ज्ञाता ऋषि श्रृंगी को याद किया गया महाराज दशरथ द्वारा श्रृंगी ऋषि को अयोध्या लाया गया जहां पर सरयू नदी का तट पर महायज्ञ संपन्न कराया गया। जिसमें कई औषधीयो की आहुति दी गई तथा कुछ औषधीया महाराज दशरथ को ओर कुछ औषधियां खीर में मिलाकर तीनों रानियां को खिलाई गई। इसके बाद गर्भाधान संस्कार संपन्न हुआ। पहले दिन की कथा का सैकड़ो धर्म प्रेमियों ने धर्म लाभ लिया श्री राम कथा के इस महायज्ञ में अपना सहयोग व दान करने वाले दानदाताओं का आर्य समाज के मंत्री चेतन आर्य द्वारा आभार प्रकट किया गया।