जबलपुर। द्वारिका पीठ के शंकराचार्य सदानंद जी महाराज आज एक दिवसीय दौरे पर जबलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के द्वारा मांस के प्रतिबंध लगाने वाले फैसले पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से उनका यह निर्णय ठीक है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने मनुष्यों के लिए शाकाहारी भोजन का निर्माण किया है। मांसाहारी भोजन पशुओं के लिए होता है। लेकिन वर्तमान में मनुष्यों का आहार विपरित हो गया है। इसलिए मै समझता हूं कि मध्यप्रदेश सरकार ने मांस को लेकर जो निर्णय लिया है, यह ठीक है।
मध्यप्रदेश में कानफोडू लाउडस्पीकर पर हो रही कार्यवाही को शंकराचार्य महाराज ने सराहा है। उन्होंने कहा ऐसा नहीं कि यह आदेश सिर्फ एक धर्म विशेष के लिए है। सरकार का यह आदेश सभी के लिए इसलिए इस पर किसी को आपत्ति नही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं, कि सरकार के द्वारा दिए गए लाउडस्पीकर के आदेश को सभी धर्मों के लोगो का मानना चाहिए। शंकराचार्य महाराज ने कहा कि सुबह हो, दोपहर हो, रात हो हर समय तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर से ध्वनि प्रदूषण तो होता ही है, साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर शंकराचार्य ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि ये हमारी सैकड़ो साल की समस्या हल हुई है। इसके लिए कई सालों तक युद्ध हुआ। न जाने कितने लोगों ने बलिदान दे दिया। हमारे जगदगुरु शंकराचार्य तो इसके लिए 1992 में जेल तक गए, उस समय में मै उनको साथ था। कोर्ट में भी राम राम न्यास ने सबूत दिए। पुरातत्व विभाग को भी प्रमाण जो मिले , जिसके बाद कोर्ट ने निर्णय दिया कि राम जन्मभूमि हिंदुओं की है। और यही पर भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था।