नीमच। सीआरपीएफ के आरटीसी कैंपस का विशाल सभागार सैंकड़ों जवानों व उच्चाधिकारियों की खुशहाली सम्पन्न हंसी व आनन्द की तरंगों से सरोबार हो उठा। जब विश्व विख्यात प्रेरक वक्ता व तनाव मुक्ति विशेषज्ञ प्रोफेसर (डॉ.) स्वामीनाथन ने वाह जिन्दगी वाह.. वाह मेरा परिवार वाह.. वाह सीआरपीएफ वाह मेरा भारत देश वाह के गुंजायमान नारों का प्रस्तुतिकरण करवाया।
लगातार दो घण्टे चले इस खुशहाली के कार्यक्रम में डॉ. स्वामीनाथन ने अपनी जीवन शैली को व्यवस्थित करने के लिए तीन मुख्य सूत्र व्यायाम, भोजन और मेडिटेशन की विस्तृत व्याख्या की एवं कहा कि संतुलित एवं पौष्टिक भोजन तथा नियमित व्यायाम के साथ-साथ मेडिटेशन को अनिवार्य रूप से जीवन में ढालना होगा.. क्योंकि भोजन और व्यायाम तो लगभग प्रत्येक व्यक्ति करता है किन्तु मेडिटेशन का नियमित अभ्यास नहीं करने से ही तनाव, अनिद्रा, डिप्रेशन आदि अनेकानेक रोग बढ़ते जा रहे हैं.. आपने आगे कहा कि छोटा बच्चा भी दिन में पचासों बार मुस्कुराता है किन्तु आज का युवा व बुजुर्ग दोनों ही मुस्कुराना भूल चुके हैं । इसका एकमात्र कारण अपने अंतर्मन में तनाव की गहरी पैठ हो जाना है..जिसे बाहर निकालना आवश्यक है । मेडिटेशन का अर्थ सिर्फ इतना ही नहीं है कि हम किसी एक चीज पर ध्यान केन्द्रित करें अपितु राजयोग मेडिटेशन एक जीवन शैली है.. जिसे अपना कर तनाव मुक्त खुशहाल जिन्दगी जी सकते हैं । आपने विशेष जोर देकर कहा कि वर्तमान या आने वाली परिस्थितिया दिनों दिन विकराल होती जा रही हैं, किन्तु हम अपने को उनमें समायोजित नहीं कर पा रहे हैं.. आध्यात्म और मेडिटेशन हर परिस्थिति में समायोजन सिखाता है, अतरू और कुछ न कर सकें तो केवल 10 मिनिट प्रातरू काल उठते समय और 10 मिनिट रात को सोते समय राजयोग मेडिटेशन का अवश्य अभ्यास करें ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आर.टी.सी. के प्रिंसीपल डी.आई.जी. अनमोल सूद ने सुन्दर गुलदस्ते भेंट कर डॉ. स्वामीनाथन, बी.के.सविता दीदी, बी.के. श्रुति दीदी एवं बी.के.सुरेन्द्र भाई का स्वागत किया । कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट कमाण्डेंट जितेन्द्र यादव ने किया तथा आभार प्रदर्शन डिप्टी कमाण्डेंट वनमाला ने किया ।