रतलाम। जिला प्रशिक्षण केंद्र विरियाखेडी पर 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीबी से बचाव हेतु टीकाकरण करने के संबंध में जावरा और पिपलोदा के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया गया। वर्तमान में 0 से 1 वर्ष तक की आयु के बच्चों को जन्म के समय बीसीजी का टीका चमडी की उपरी सतह पर सिंगल डोज के रूप में लगाया जा रहा है। इस क्रम में भारत सरकार के निर्देशानुसार 18 वर्ष से अधिक आयु के चिन्हित व्यक्तियों को बीसीजी का सिंगल डोज टीका चमडी की उपरी सतह पर इंजेक्शन रूप में फरवरी माह में प्रारंभ होने की संभावना है। सीएमएचओ डॉ आनंद चंदेलकर ने बताया कि विभाग द्वारा इस संबंध में सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है तथा आवश्यकतानुसार वैक्सीन की आपूर्ति जिले में प्राप्त हो चुकी है।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के संयुक्त प्रयासों से टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण के दौरान पिछले 5 वर्ष से टीबी का उपचार करा रहे ऐसे लोग जिनका उपचार पूर्ण हो चुका है, पिछले 5 साल से टीबी मरीज के संपर्क में रहने वाले लोग, जिनका बीएमआई 18 से अधिक हो, स्वयं रिपोर्ट किए गए धुम्रपान करने वाले लोग, स्वयं रिपोर्ट किए गए डायविटीज के मरीज तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग सहमति पत्र भरकर टीका लगवा सकेंगे। 18 वर्ष से कम आयु के लोग, टीका लगवाने के प्रति असहमति रखने वाले व्यक्ति, गंभीर रूप से बीमार बिस्तर पर रहने वाले व्यक्ति, गर्भवती माताऐं, स्तनपान कराने वाली माताऐं, जिनका वर्तमान में टीबी का उपचार चल रहा है, एचआईवी, कैंसर इम्युनोसप्रेशन लोग, दवाओं के प्रति एलर्जी रखने वाले लोग, प्रत्यारोपण रिसीवर आदि को किसी भी स्थिति में बीसीजी का वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में टीकाकरण संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील, जिला क्षय अधिकारी डॉ अभिषेक अरोरा, डब्ल्युएचओ के सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ रितेश बजाज, डीपीएम डॉ अजहर अली, निलेश चौहान, सैयद अली, जयसिंह सिसोदिया सहित विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।