नीमच। दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के निधन उपरांत 18 फरवरी की रात 8 बजे फोर जीरो विद्युत केंद्र के पीछे स्थित सकल जैन समाज नीमच के तत्वाधान में दिगंबर जैन मंदिर पर एक गुणानुवाद सभा आयोजित कर विनयांजलि दी गई।
कार्यक्रम में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की तस्वीर पर जैन समाज महासंघ के अध्यक्ष अनिल नागौरी, दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विजय विनायक जैन ब्रोकर्स आदि द्वारा दीप प्रज्वलित कर प्रारंभ किया गया। दिगंबर जैन समाज नीमच के अध्यक्ष विजय कासलीवाल जैन ब्रोकर्स ने कहा कि आचार्य श्री के निधन से पूरा देश निः शब्द है। आचार्य श्री को सद्गति मिले और उन्हें मोक्ष प्राप्त हो।
दिगंबर जैन समाज नीमच के पूर्व अध्यक्ष जम्बु कुमार जैन ने समय ज्ञान दर्शन चरित्र की जलती हुई मशाल है गीत प्रस्तुत करते हुए कहा कि सभी के हृदय में विद्यासागर विराजित हैं। वयोवृद्ध वरिष्ठ पीसी जैन ने कहा कि आचार्य श्री संस्कृत प्राकृत सहित 6 भाषाओं के महान ज्ञाता थे कि उनके जीवन पर 12 पी एचडी हो चुकी है। गुणानुवाद धार्मिक सभा में श्रीमती राजूल ने अंत समय भी आनंद में रहे गुरुवर शांति की भावना उनके मन में थी गीत प्रस्तुत किया।
विजय सरावगी ने नक्षत्र उनकी आभा मंडल के आगे सूर्य की रोशनी भी कम लगती है गीत प्रस्तुत किया और कहा कि आचार्य श्री अधिकतर पहाड़ों नदियों के किनारे ही रहना पसंद करते थे। विशाल विनायका ने कहा कि मृत्यु महोत्सव है। प्रधानमंत्री भी भावुक हो गए थे तो हम तो साधारण इंसान हैं। मुकेश विनायका ने कहा कि हमारा हृदय रो रहा है परमपिता हमें अनाथ कर गए। मयंक कासलीवाल ने आचार्य श्री विद्यासागर चमकता सूर्य है वह महान थे गीत प्रस्तुत किया। जितेंद्र बंटी जैन ने विद्यासागर नाम प्राणों से प्यारा गीत प्रस्तुत किया।
नवीन विनायका ने महाराज तुम्हारे चरणों में दुनिया दौड़ी चली आई रे गीत प्रस्तुत किया। हर्षित विनायका ने कोई अपना सा चला गया मन में बसे हैं वह पिता थे। विजय शाह ने शौक नहीं महोत्सव है महावीर स्वामी के निर्वाण पर गौतम स्वामी को केवल ज्ञान हो गया था आचार्य विद्यासागर जी भी ऐसे शिष्य छोड़ गए हैं जिनके सहारे हम आगे की धर्म यात्रा पूरी कर सकते हैं। अजय कासलीवाल ने विद्यासागर जी की प्रेरणा से देश में चल रही गौशालाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रमोद गोधा ने आचार्य श्री के गुण के लिए हम निशब्द है।आध्यात्मिक जागृति के लिए बहुत बड़ा योगदान देश में रहा है उनका इसे हम भुला नहीं सकते हैं।
संगीता सरावगी ने कहा कि हमें रास्तों की जरूरत नहीं हमें तेरे पैरों के निशा मिल गए हैं गीत प्रस्तुत किया। श्री भीडभांजन पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर ट्रस्ट के सचिव मनीष कोठारी, वरिष्ठ समाजसेवी मनोहर सिंह लोढ़ा, राजेश मानव, अखेसिंह कोठारी, ललित मेहता, सुरेश मोडी, आदि समाज जनों ने भावांजलि व्यक्ति की। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी अमन विनायका ने दी।