भोपाल। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तत्वावधान में महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस पर 23 मार्च 2024 को स्थानीय इतवारा चौराहे पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। श्रद्धांजलि सभा में भगत सिंह की शहादत को लाल सलाम, इंकलाब ज़िंदाबाद, फासीवाद हटाओ भारत बचाओ, पूंजीवाद मुर्दाबाद, दुनिया के मजदूरों एक हो की जोरदार नारेबाजी के साथ भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर सेवा निवृत्त वरिष्ठ आईएएस अजय सिंह गंगवार ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
वरिष्ठ आईएस अजय सिंह गंगवार नीमच जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। साथ ही बड़वानी कलेक्टर रहते हुए सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की प्रशंसा के साथ ही पीएम मोदी के खिलाफ पोस्ट को लाइक करने के मामले को लेकर सुर्खियों में आए थे। जिसके बाद गंगवार का तबादला कर दिया गया था। सेवा निवृत्त वरिष्ठ आईएएस अजय सिंह गंगवार सागर के संभागायुक्त भी रह चुके हैं।
भाकपा की सदस्यता ग्रहण करते हुए अजय सिंह गंगवार ने कहा कि फासीवाद का प्रतिरोध सिर्फ़ कम्युनिस्ट ही कर सकते हैं। कम्युनिस्ट होना अपने जीवन को सार्थक करने का प्रतीक है। फासीवाद का प्रतिरोध करने और अपने जीवन को सार्थक कर शोषण मुक्त दुनिया बनाने के महान लक्ष्य में अपना योगदान देने के लिए ही मैंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इसके लिए मैंने भगत सिंह के शहादत दिवस को ही एक बेहतर अवसर माना।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भाकपा नेता कॉमरेड शैलेन्द्र शैली, डीडी शर्मा, अजय राऊत, फिदा हुसैन और मुन्ने खां ने भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों को प्रेरक और अविस्मरणीय निरूपित करते हुए कहा कि भारत फासीवाद के शिकंजे से ग्रस्त हो गया है। भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का चरित्र फासीवादी है। भगत सिंह का क्रांतिकारी चिंतन हमें फासीवाद का प्रतिरोध करने हेतु प्रेरित करता है। फासीवाद के खिलाफ जनता को लामबंद करना ही भगत सिंह को सच्ची और सार्थक श्रद्धांजलि होगी।
श्रद्धांजलि सभा में भाकपा के कॉमरेड नवाब उद्दीन, शिवशंकर मौर्य, बीपी मिश्रा, सईद खां, मोहम्मद युसूफ, शकील, जमुना प्रसाद, एस एस शाक्य, महफूज खान, अजीज पहलवान, मुकेश कुमार, श्रवण कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
प्रारंभ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के दिवंगत वरिष्ठ सदस्य और ट्रांसपोर्ट हम्माल मजदूर सभा के अध्यक्ष हबीब कुरेशी को उनकी संगठन के लिए प्रतिबद्धता की याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।