देवास। रंगों का पर्व रंगपंचमी का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया। रंगपंचमी को लेकर लोगों में एक दिन पहले से ही काफी उत्साह देखने को मिल रहा था। गौरतलब है कि देवास शहर में रियासतकालिन काल से ही होली की जगह रंगपंचमी पर काफी उल्लास रहता है। वही सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में पारंपरिक फाग यात्रा जवाहर चौक से शुरू हुई। जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सैयाजी द्वार पहुंची, जहा महाआरती कर समापन हुआ। जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। फाग यात्रा में इस बार जवाहर चौक को अयोध्या ओर सैयाजी द्वार को मथुरा के रुप मे सजाया गया था। रियासत कालीन इस फाग यात्रा में वृंदावन की लठमार होली, राधा कृष्ण की जीवंत झांकी, पंजाबी भांगड़ा नृत्य, भगोरिया नृत्य की टोली आकर्षण का केन्द्र रही। यात्रा में प्रसिद्ध भजन गायकों की प्रस्तुति पर लोग जमकर थिरकते रहे। फाग यात्रा में क्विंटलों से गुलाल ओर फुलों को उठाया गया। पिछे पिछे टैंकरों से पानी की बौछारें भी की गई। फाग यात्रा में पहली बार हजारों की संख्या में महिला और युवतियां भी शामिल हुई, जिनकी सुरक्षा के लिए युवाओं की टोली ने रस्सी से घेरा बना रखा था।महिलाओं ने भजनों पर नृत्य किया और एक-दूसरे को रंग लगाया। इधर संस्था राम राम सहित युवाओं की टोली भी फाग यात्रा में पीछे नहीं रही और जमकर होली खेली। इस फाग यात्रा को सामाजिक समरसता मंच ने निकालकर यादगार बना दिया। लोग अपने-अपने घरों से निकलकर शहर की सड़कों पर आ गए। बाजार में ऐसा माहौल था जैसे पूरा एक परिवार ही एक-दूसरे के साथ रंगों का पर्व रंगपंचमी मना रहे हैं। महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी खुशियां मना रहे थे। फाग यात्रा में सांसद प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी,राजेश यादव, शैलेंद्र सिंह पंवार,जीतू रघुवंशी, सामाजिक समझना मंच के कार्यकर्ता और महिला शक्ति पूरे मार्ग पर रंग गुलाल से रंगपंचमी मनाते हुए निकले।कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ फागयात्रा में चले।