चित्तौड़गढ़। श्रमण संघीय आगम रसिका महासाध्वी प्रेक्षा श्री जी मसा ने बुधवार को खातर महल में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी के शासनकाल में जिस तरह आनंद श्रावक की पत्नी पति के धर्म में सहयोग करती थी। इस तरह आज हर दंपति को मौज-मस्ती और घूमने फिरने में ही नहीं धर्म और दान में भी एक दूसरे की सहायक होना चाहिए, तभी पत्नी धर्म पत्नी कहलाएगी और बच्चों को अपने माता-पिता के हर कार्य में सहयोग करना चाहिए, ताकि वह जीवन में आने वाली परिस्थितियों का हर तरह से सामना कर सकते हैं। जिस तरह पहले के जमाने में 64 कला और 72 विद्या मां बाप अपने बच्चों को सिखाते थे इस तरह आज के पेरेंट्स को भी अपने बच्चों को हर तरह का काम सीखना चाहिए चाहे छोटे से छोटा हो या बड़े से बड़ा।
साध्वी श्री ने बच्चों को बताया कि उन्हें अपने दिमाग को आइस फैक्ट्री और जीवन को शुगर फैक्ट्री और दिल को लव फैक्ट्री बनाना चाहिए। खाने का मतलब है कि दिमाग को ठंडा मुंह से मीठी वाणी और दिल से सभी से प्रेम पूर्वक व्यवहार करना चाहिए। 15 मिनट बच्चों को ध्यान साधना करवाई । विशूदि श्री ने फरमाया कि व्यक्ति को क्रोध किन कारणों से आता है। क्रोध आने से किस तरह शांति का वातावरण भी अशांति में बदल जाता है और अशांत वातावरण में नम्रता और विवेकपूर्ण प्रेम से बात करे तो अशांत वातावरण भी शांत हो जाता है।धर्म सभा का संचालन करते हुए श्री संघ के मंत्री सुनील बोहरा ने बताया कि खातर महल में जैन बच्चों का ज्ञान संस्कार शिविर चल रहा है।
शिविर में श्री जैन दिवाकर महिला परिषद अध्यक्ष अंगुरबाला भड़कत्या, मंत्री नगीना मेहता, जैन दिवाकर संगठन समिति अध्यक्ष राजेश सेठिया महावीर काठेड राकेश मेहता,विजय मालू,मनोहरलाल गोखरू,जैन दिवाकर युवक परिषद अध्यक्ष अपुल चिपड़,मंत्री अर्पित बोहरा सिद्धार्थ मेहता सहित महिला परिषद की हेमा बोहरा स्मिता तरावत नीम मेहता अनीता बाबेल इंदिरा धाकड़ अंजना गोखरू शशि सुराणा इंदू बाफना मधु पटवारी उर्वशी मेहता निशा सिंघवी ने शिविर में सेवाएं दी। खातर महल में प्रेक्षा श्रीजी मसा के सानिध्य में 120 बच्चे धर्म संस्कार सीख रहे हैं। अंत में बच्चों को गेम भी खिलाया। महिला परिषद की बहन मधु पटवारी ने अपने जन्मदिन के उपलक्ष में बच्चों में प्रभावना वितरण की।