जावरा। ढोढर समीप गांव मोरिया के निवासी विनोद औरा (धाकड़ )(36) का चयन फॉरेस्ट रेंजर के पद पर हुआ है वे पहले कुछ समय से मुंबई की मल्टीनेशनल कंपनी में सालाना 26 लाख रुपए के पैकेज पर अपना कार्य कर रहे थे विनोद एक प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहते थे और यही कारण है कि उन्होंने नौकरी छोड़ एमपीपीएससी की तैयारी शुरू की वर्ष 2020 में पहला इंटरव्यू भी दिया लेकिन उस दौर मैं उन्हे सफलता नहीं मिली फिर 2021 में दूसरा इंटरव्यू दिया और अब फाइनली फॉरेस्ट रेंजर पद पर सिलेक्शन हुआ प्राप्त जानकारी के अनुसार एक छोटे से गांव मोरिया के किसान परिवार में जन्मे विनोद का शुरू से एक ही लक्ष्य रहा कि उन्हें सरकारी सेवा के क्षेत्र में जाना था। वही उन्होंने अपने गांव और परिवार से दूर निकलकर हैं। इंदौर में पढ़ाई की। आई आईटी बॉम्बे से जब पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कुछ समय उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब की परंतु प्रशासनिक सेवा में जाने के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ एमपीपीएससी की तैयारी की। 2021 में वन सेवा परीक्षा दी। सफलता हासिल करते हुए फॉरेस्ट रेंजर पद पर चयन हुआ विनोद के छोटे भाई संजय औरा अभी राजस्व विभाग रानीगांव में पटवारी के पद पर पदस्थ हैं इनके भी अच्छे कार्यों से हर कोई वाकिप है वही इतना ही नही मोरिया के ग्रामीणों ने बताया की कि पहली बार गांव के किसी युवा का चयन प्रशासनिक अधिकारी के रूप में हुआ। इसके अलावा गांव से 11 युवा शिक्षक, एक पटवारी, एक आर्मी, रेलवे, एक पुलिस और दो महिलाएं स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही है और गांव का नाम जिले भर में रोशन कर रहे हैं।