चित्तौड़गढ़। बून्दी रोड स्थित कोमी एकता के प्रतीक मेवाड के महान सूफी संत हजरत अताए ख्वाजा हाफीज सैयद सरदार अहमद कादरी चिश्ती अशरफी साहब रहमतल्तुल्लाह अलैह के 23 वां सालाना उर्स मुबारक पर चादर शरीफ का जुलूस निकला।
सज्जादानशीन सलीम अशरफी ने बताया कि जुलुस अशरफी सा. के निवास से छीपा मोहल्ला, अशरफी चौक, लौहार मोहल्ला, गोलप्याउ, देहली गेट होता हुआ बूंदी रोड़ स्थित अशरफी सा. की दरगाह शरीफ पहुंचा। जुलुस में देहली गेट सेहरी पार्टी नातिया कलाम पढते हुए चल रहे थे और बग्गी में और ऑल इण्डिया औलमा मशाइख बोर्ड के कौमी सदर हजरत सैयद मोहम्मद अशरफ सा. किछोछा शरीफ व बग्गी में सज्जादानशीन हाजी मोहम्मद सलीम अशरफी, सज्जादानशीन मोहम्मद युसुफ अशरफी तशरीफ फरमा रहे थे। इस मौके पर मुफ्ती उस्मान अशरफी अलअजहरी, मोलाना जुबेर अशरफी, मोलाना उमेर अशरफी, मोलाना जुनेद अशरफी जुलुस में बग्गी के साथ चल रहे थे।
अशरफी युवा जमात के सदर गुलाम रसुल, सैकेट्री यासिन छीपा, शोएब अशरफी, सोनू अशरफी, शाहीद छीपा, आलम छीपा, जाकिर खान, राजु भाई, सलीम खान, अब्दुल हमीद मंसुरी जुलुस मे नातिया कलाम पढते हुए चल रहे थे।
छीपा मोहल्ला, देहली गेट, अशरफी चौक, पर कई मुरीदों ने व कमेटियों ने जुलुस का इस्तकबाल किया व सज्जादागान की दस्तारबन्दी व फुलो का हार पहनाकर स्वागत किया। मक्का शरीफ, मदीना शरीफ, बगदाद शरीफ, किछोछा, अजमेेर शरीफ की चादर पेश की गयी व अशरफी सा. के सैकडो मुरीदों व जायरीनों ने चादर पेश की।
26 जून बुधवार को कुल की रस्म सुबह 10 बजे से शुरू होगी। जिसमें महफिले कव्वाली होगी। ओलादे गोसे आजम ताजुल ओलिया डॉ.सैयद जलालुद्दीन अशरफ साहब (कादरीमियॉ) तकरीर फरमाएंगे और ऑल इण्डिया औलमा मशाइख बोर्ड के कौमी सदर हजरत सैयद मोहम्मद अशरफ साहब दुआ फरमाएंगे।