गरोठ। तहसील के ग्राम कोटडाबुजुर्ग में शुक्रवार को किसान जाफर पिता नत्थे खां बैल की मृत्यु हो गई, जिसको भारतीय संस्कृति अनुसार विधिविधान पूर्वक दफनाया ग़या है।
जाफर मंसूरी ने बताया कि 20 सालों से उसने हमारे खेती मे काम किया। वो तीन साल का था जब से खेत जोतने लगा दिया था। उसके बाद तीन सालों वो उम्र दराज होने के कारण उसकी सेवा कि गई। ये खेत जोतने काम छुड़वा दिया गया। आज के जमाने को देखते हुए लोग अपने मां बाप को तक वृदाआश्रम छोड आते हैं। लोग अपने माता-पिता को अंतिम संस्कार भी लोग सोशल मिडिया के माध्यम से देते हैं। ऐसा जमाना आ ग़या है। वहीं कोटडाबुजुर्ग में एक मुस्लिम परिवार ने एक बैल की देखरेख बहुत अच्छे तरीके से की। समय समय पर इलाज भी करवाया।