झाबुआ। जिले के पेटलावद तहसील के अंतर्गत आने वाला नगर बामनिया के रेलवे स्टेशन से लगती हुई दोनों ओर जमीन को रेलवे विभाग और राजस्व विभाग दोनों अपनी-अपनी बताने में लगे हुए हैं, वही रेलवे विभाग द्वारा लगातार अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए जा चुके हैं, वहीं राजस्व विभाग भी राजस्व की वसूली कर रहा है परंतु इस विवाद का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
बामनिया स्टेट हाईवे से लगते हुए (खवासा नाका) नारेला मार्ग पर सेमलिया तलवाड़ा रोड प्रधानमंत्री योजना में बना हुआ है जो अग्रसेन कॉटन फैक्ट्री से स्टेट हाईवे को लगते हुए रोड का एक बड़ा हिस्सा टूटा हुआ है, जब रोड के ठेकेदार द्वारा रोड को सुधारा जा रहा था रेलवे के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद करीब 3 वर्ष से अधिक समय से रोड की साल-दर-साल बत्तर हालत होती जा रही है।
स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों सहित 16 गांव के लोगों का रहता है आना-जाना
इस पानी भरे हुए कीचड़ से बदबूदार मार्ग से स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे रोजाना प्रतिदिन गुजरते हैं, वही बामनिया में ग्रामीणों की सबसे बड़ी जनसंख्या इसी मार्ग से होती हुई आती है, जिसको अति शीघ्र सुधार की आवश्यकता है परंतु विवाद में पढ़ने के बाद अभी तक इस और किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं गया है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को ओर दुकानदार एवं रह वासियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग पर नहीं है पानी की निकासी
इस रोड पर एक और तो स्थाई मकान बन चुके हैं वहीं दूसरी ओर अवैध अतिक्रमण कर घूमटी या रखी हुई है जिससे दूसरी ओर बारीश का पानी नहीं जा पा रहा है, एक ओर इन घूमटी वालों को रेलवे विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने के कई बार नोटिस भी दिए जा चुके हैं वही दूसरी ओर घुमटी में होटल संचालन भुरा गरवाल ने बताया की ग्राम पंचायत द्वारा हमसे यहां बैठक चार्ज भी लिया जा रहा था।
अधिकरण किए गए मार्ग की है मुआवजा रसीद
शैतानमल अग्रवाल ने बताया की जो रेलवे विभाग अपनी जमीन में रोड होना बता रहा है उस मार्ग को राजस्व विभाग द्वारा अधिकरण किया गया था जिसमें हीरालाल पिता नारायण अग्रवाल को मुआवजा मिला था एवं रसीद थी जो अभी भी हमारे पास सुरक्षित है। रहवासी मोहन मईडा का कहना है की रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं जहां पर पानी पुरी बारिश में भरा हुआ रहता है जिसमें से भयंकर बदबू भी आ रही है। रहवासी जावेद मंसूरी ने बताया गढ़ों में पानी जमा रहता है जब स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे यहां से गुजरते हैं तो कई बार वाहन से गंदा पानी उड़ता है तो बच्चों की स्कूल यूनिफॉर्म खराब हो जाती है। व्यापारी अमर सिंह राठौड़ ने बताया वाहन चालकों को पानी से भरे गढ़ों का अनुमान नहीं रहता है अधिकतर गिर जाते हैं या अन बैलेंस हो जाते हैं।
रहवासी ताराचंद वसुनिया ने बताया हमको विधायक और हमारे क्षेत्र के सांसद से बड़ी उम्मीद है इस विवादित क्षेत्र में जल्द ही रोड की मरम्मत करवाएंगे जिससे रवासियों एवं आने जाने वाले राहगीरों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया में इस मामले को जल्द दिखवाता हूं। झाबुआ कलेक्टर नेहा मिना का कहना है चेक कर लेते हैं किसके अंडर में कौन सा एरिया आ रहा है इस विषय में डीआरएम से बात कर इस मामले में उचित कार्रवाई करवाती हूं।