नीमच। सकल दिगम्बर जैन समाज नीमच के तत्वावधान में माटी की पावन धरा नीमच में 8 वर्षों बाद परम पूज्य आचार्या सुमति सागर जी के परम शिष्य परम पूज्य मुनि श्री वैराग्य सागर जी महाराज एवं आचार्य वर्धमान सागर जी के परम शिष्य परम पूज्य मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज का 2024 का ऐतिहासिक चातुर्मास का लाभ नीमच समाज को असीम पुण्योदय से मिला है। मुनि श्री का मंगल प्रवेश का जुलूस 7 जुलाई रविवार को सुबह 7.30 बजे मैसी फर्ग्यूसन चोराहे से प्रारंभ होगा। दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विजय विनायका जैन ब्रोकर ने बताया कि बैंड बाजे एवं ढोल नगाड़ों की धूमधाम के साथ जुलुस किर्ति स्तम्भ होते हुए नया बाजार घंटाघर पुस्तक बाजार होते हुए 40 आफिस के आगे से होता हुआ श्री मंदिर जी पर समापन होगा एवं 51 थालीयो की सुंदर सजावट होगी। मार्ग में स्थान स्थान पर श्रद्धालु भक्तों द्वारा मुनी संतो का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद ग्रहण किया जाएगा।
जिनमें गुरूदेव के चरणों से पावन पाद प्रक्षालन हो जायेगी । जुलूस में सभी महिलाएं लाल चुनरी व पुरुष वर्ग धवल वस्त्र में सहभागी बनेंगे। बाद में 8.30 बजे गुनानुवाद ,8.45 मंगलाचरण ,8.55 चित्र अनावरण,
कार्यक्रम का शुभारंभ 9 बजे दीप प्रज्वलन , 9.05 बजे आचार्य वर्धमान सागर पूजन, 9.30 पाद प्रक्षालन ( बोली द्धारा) 9.35 बजेशास्त्र भेंट ( बोली द्धारा) 9.40 बजे मुनि, द्वारा आचार्य श्री का गुणनुवाद, 10.30 बजे आहार चर्या सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे 7 जुलाई को आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज का 35 वां पदारोहण समरोह भी आयोजन है। मुनि श्री के पावन सानिध्य में आचार्य श्री की पूजन एवं गुणानुवाद सभा भी होगी। बाहर से आने वाले महानुभावों के आतिथ्य सत्कार एवं समाज का सुबह का स्वामी वात्सल्य रखा गया है।
11 जुलाई को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का दीक्षा दिवस एवं 21 जुलाई को मंगल कलश की स्थापना का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी अमन विनायका ने दी ।