शाजापुर। गौशाला संचालक पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए दर्जनों ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और यहां एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। मंगलवार को ग्राम भीलवाडिय़ा के दर्जनों महिला और पुरूष कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और बताया कि उन्हे ग्राम पंचायत के द्वारा करीब 25 वर्ष पूर्व आवासीय पट्टा दिया था और तब से ही उक्त पट्टे की भूमि पर घर बनाकर निवास कर रहे हैं, लेकिन पास में ही संचालित हो रही गौशाला का संचालक पट्टे की भूमि को हथियाना चाहता है और इसी कारण वह प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर हम गरीबों के मकान तोडऩा चाहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि गिट्टी खदान संचालक के खिलाफ भी गौशाला संचालक आए दिन झूठी शिकायत कराता है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गौशाला संचालन की जिम्मेदारी गांव के महिला स्व सहायता समूह को दी जाए तथा पट्टे की भूमि पर निवास कर रहे परिवारों को यथावथ स्थिति में ही रहने दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि यदि उन्हे बेघर किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।
गौशाला के नाम पर बेघर करना चाहता है संचालक
ग्राम भीलवाडिय़ा के ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में संचालित गौशाला का संचालक गौशाला के नाम पर गरीब परिवारों को राजनीतिक संरक्षण के बल पर बेघर करना चाहता है। ग्रामीणों ने बताया कि 25 वर्षों से जिस पट्टे की भूमि पर वह निवास कर रहे हैं गौशाला का संचालक उस भूमि को कब्जे में लेने के लिए अधिकारियों पर घरों को तोडऩे हेतु दबाव बना रहा है। शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि उन्होने मामले में शाजापुर एसडीएम से शिकायत की है। साथ ही गौशाला का स्व सहायता समूह के माध्यम से संचालन कराने की मांग भी की है।