चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ प्रतापगढ दुग्ध डेयरी में सचिव यूनियन संघ द्वारा विभिन्न मांगों को लेेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डेयरी प्रबंधक द्वारा सुनवाई नहीं करने पर डेयरी अध्यक्ष बद्रीलाल जाट किसानों व सचिवों के समर्थन में धरने पर बैठ गये।
डेयरी अध्यक्ष बद्रीलाल जाट एवं सचिव यूनियन अध्यक्ष मोहनलाल जाट ने बताया कि डेयरी द्वारा पिछले कई समय से दूध खरीद के नाम से ठगा जा रहा है। सरस डेयरी 740 किलोग्राम फेट से खरीद कर रही है। जबकि निजी डेयरी 810 किलो फेट से खरीद रही है। इसलिये दूध खरीदने की दर बढाई जाए। विगत छः माह से कुट्टी मशीन पर बंद अनुदान राशि पुनः चालू करने, पुराने लगे कुशल ठेका श्रमिकों को बेवजह प्रबंध संचालक द्वारा निकाला जा रहा है, उन्हें पुनः रोजगार दिया जाएं। राजनैतिक द्वेषता वश अकारण कई बीएमसी को बंद कर भुगतान रोक दिया गया, जिन्हें चालू कर शीघ्र भुगतान किया जाए। सरकार कम्पनियों के ठेके निरस्त कर बिना टैंडर किये चहेतों को निजी ठेेका दिया जा रहा है, जिसे बंद करने, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमानुसार सेवानिवृत सैनिकों को रोजगार देने की जगह निजी एजंसियों को ठेका देकर डेयरी में मनमर्जी चलाने का काम किया जा रहा, जिसे बंद कर सेवानिवृत सैनिकों को रोजगार दिया जाने की मांग की गई।
जाट ने बताया कि आगामी तीन दिन में यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। डेयरी अध्यक्ष जाट ने कहा कि किसानों, सचिवों व ठेका श्रमिकों की मांगों को लेकर डेयरी प्रबंधक सुरेश सैन ने वार्ता की गई, लेकिन मांगों पर किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की गई। इस दौरान सचिव, श्रमिक सहित जिलेभर के सैंकड़ों पशु पालक मौजूद थे।