नीमच। जिला मुख्यालय नीमच के नजदीक नीमच मनासा मुख्य मार्ग पर बसे गांव रेवली देवली स्कूल वैसे तो पढ़ाई के मामले में अव्वल रहा है लेकिन स्कूल और स्कूल के आसपास मौजूद समस्याएं साल दर साल बढ़ती गई, कई प्रयास किए गए लेकिन वह सफलता हाथ नहीं लगी जिसका सभी को इंतजार था। रेवली देवली में हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य का पदभार जब से राधेश्याम धाकड़ ने संभाला तब से ही स्कूल का कायाकल्प शुरू हो गया। हालांकि जब से प्राचार्य धाकड़ ने पदभार ग्रहण किया उसी दिन से वॉइस आफ एमपी से चर्चा के दौरान उन्होंने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे लेकिन इस तरह कोई रेवली देवली की इतिहास में स्कूल के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते अभी तक नहीं देखा गया। चाहे त्रैमासिक परीक्षा हो या स्कूल के आसपास की साफ सफाई या मैदान अथवा स्कूल का मैनेजमेंट हर तरफ अपनी पैनी निगाह से इन्होंने स्कूल को मानो पूरी तरह बदल दिया। जहां हमेशा स्कूल के आसपास गंदगी का अंबार लगा रहता था तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता मिशन की यहां धज्जियां उड़ाई जा रही थी, वही यहां प्राचार्य धाकड़ नेआते ही साफ सफाई करवा कर पूरी तरह स्कूल के रास्ते को चमका दिया एवं मैदान को पूरी तरह से जेसीबी के माध्यम से पुराने और जर्जर हो चुके शौचालयों को जमीदोज करके बच्चों के खेलने हेतु सुंदर मैदान बना डाला। साथ ही जिन बच्चों ने परीक्षा देने में अपनी असमर्थता व्यक्त की उनके घर जाकर पालकों से मिलकर समझाइए दी तथा उन्हें परीक्षा दिलवाई। आसपास के बोरखेड़ी पानेरी, बिसलवास सोनीगरा, बिजलवास बामनिया, रेवली देवली नई आबादी सहित घर घर जाकर बच्चों को परीक्षा देने हेतु स्कूल लाया गया। प्राचार्य धाकड़ यही नहीं रुके उन्होंने सभी कक्षाओं में प्रथम आने वालों को एकहजार रुपए की नगद राशिदी। साथ ही जो भी स्कूल के बच्चे संभाग स्तर पर खेलकूद में चयनित हुए उनका भी स्कूल परिसर में उन्हें सम्मानित किया गया। साथ ही प्राचार्य द्वारा स्वयं मध्यान भोजन बच्चों के साथ करना, सालों से स्कूल परिसर में मौजूद कुई के आसपास गंदगी का अंबार लगा रहता था वहां पर पूरी तरह सफाई करवा करके अब आगे निर्माण कार्य भी देखने को मिलेगा।प्राचार्य धाकड़ की अभी तो यह शुरुआत मात्र है देखना है आगे और भी स्कूल के हित में क्या-क्या निर्णय लेते हैं यह तो भविष्य के गर्त मे है लेकिन निश्चित ही यदि ऐसे अधिकारी कर्मचारी यदि इस भावना से कार्य करें तो निश्चित ही आने वाले समय में नीमच जिले के विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी गुणवत्ता युक्त स्कूल देखने को मिलेंगे। हाल फिलहाल तो प्राचार्य के कार्यों से रेवलीदेवली के युवा से लगाकर हर कोई तारीफ करते दिखाई दे रहा है एक युवा दिलीप शुक्ला ने बताया कि मैंने अपने जीवन काल में इतने अच्छे प्रिंसिपल नहीं देखे जो इतनी मेहनत करते हो।