नीमच। जिले के कुकड़ेश्वर तहसील मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर स्थित चमत्कारी खेड़ापति बालाजी के उदा खेड़ा मंदिर में हाल ही में एक छोटा सा हवन संपन्न हुआ। यह मंदिर प्राचीन काल से चमत्कारिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के सेवादार विष्णु चौधरी ने बताया कि वे बचपन से ही इस मंदिर से जुड़े हुए हैं। मंदिर की व्यवस्थाएं एक छोटी समिति द्वारा सुचारू रूप से संचालित की जाती हैं। यहां पहले चोला चढ़ाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब हर मंगलवार को बालाजी की कृपा से यह अनुष्ठान किया जाता है।
यह स्थान ग्राम पंचायत हनुमंतिया और कुकड़ेश्वर नगर परिषद क्षेत्र की परिधि के बीच स्थित है। समिति के सदस्यों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कुछ आवश्यक मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से मंदिर परिसर में पशुओं के पानी पीने के लिए एक कुंड निर्माण, चद्दर शेड की व्यवस्था, और परिसर में मोटर की सुविधा शामिल है। सबसे बड़ी मांग कनेक्टिविटी को लेकर है। श्रद्धालुओं और किसानों के आवागमन को आसान बनाने के लिए नई आबादी कुकड़ेश्वर से खेड़ापति बालाजी मंदिर तक लगभग 1 किलोमीटर की सड़क निर्माण की आवश्यकता है। यह मार्ग बन जाने से न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि दूर-दूर से आने वाले भक्तों को भी सुविधा होगी।
मंदिर परिसर में स्थित दो कल्पवृक्ष (नर और मादा) भी भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र हैं। विष्णु चौधरी ने बताया कि ये वृक्ष हरियाली और चमत्कारिक मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं और अपनी मन्नत मांगते हैं, जो बालाजी की कृपा से पूर्ण होती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस स्थान पर कई चमत्कार देखने को मिले हैं। चाहे कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित हो या अन्य किसी समस्या से पीड़ित, यहां आकर श्रद्धालु को राहत मिलती है। यहां के भक्तों और समिति की अपील है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन मांगों पर ध्यान देकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार करे।