संजीत। अफीम उत्पादक किसानों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान एवं आगामी अफीम नीति में संशोधन की मांग को लेकर किसानों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री तथा केंद्रीय नारकोटिक्स आयुक्त के नाम नायब तहसीलदार, उप तहसील न्यायालय संजीत के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि नई अफीम नीति पिछले वर्ष की तरह समय पर सितंबर माह में जारी की जाए तथा अफीम का सरकारी खरीद मूल्य बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति किलोग्राम किया जाए। वर्ष 1997-98 में अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि के कारण जिन किसानों के लाइसेंस निरस्त हुए थे, उन्हें पुनः लाइसेंस जारी करने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने अफीम फसल को फसल बीमा योजना में शामिल करने, बेमौसम बारिश को देखते हुए मॉर्फिन की न्यूनतम सीमा 3 प्रतिशत निर्धारित करने अथवा पिछले तीन वर्षों के औसत के आधार पर लाइसेंस जारी करने की मांग की। साथ ही सीपीएस पद्धति समाप्त कर पारंपरिक गम (चीरा) पद्धति से खरीदी जारी रखने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में वर्ष 2000 से पूर्व तकनीकी कारणों से निरस्त हुए अफीम लाइसेंसों को एकमुश्त अर्थदंड (वन-टाइम सेटलमेंट) के आधार पर बहाल करने, उत्तराधिकारियों के नाम लाइसेंस हस्तांतरित करने तथा विभागीय रिकॉर्ड संबंधी विसंगतियों का निराकरण करने की मांग रखी गई।
इसके अलावा किसानों ने नारकोटिक्स एवं पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए खरीदी शुरू होने तक कच्चा तोल एवं घर-घर जांच की प्रक्रिया बंद करने तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इसमें संशोधन अथवा इसे हटाने की मांग भी की।
ज्ञापन में कहा गया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से हजारों अफीम उत्पादक किसानों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी।