इंदौर। नगर निगम के चार वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस ने भाजपा की महापौर परिषद पर भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और जनहित की उपेक्षा के आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में नगर निगम विकास से अधिक घोटालों और विवादों के कारण चर्चा में रहा और कई मामलों में जिम्मेदारों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने संयुक्त रूप से कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल में जनता से किए गए विकास के वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने बेलेश्वर धाम मंदिर हादसे, भागीरथपुरा दूषित पानी प्रकरण, कथित 1000 करोड़ रुपये के सीवर घोटाले और नामांतरण घोटाले का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम आर्थिक संकट से गुजर रहा है और राज्य सरकार से 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया होने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। पार्टी ने विद्यार्थियों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिलने वाली सिटी बस पास रियायत तथा अनंत चतुर्दशी झांकियों के लिए दी जाने वाली सहायता बंद किए जाने की भी आलोचना की।
कांग्रेस नेताओं ने शहर में टूटी सड़कें, गंदे पानी की आपूर्ति, जल संकट और नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि आम नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
इन मुद्दों को लेकर कार्यवाहक शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल धाकरे के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छोटी ग्वालटोली से यशवंत रोड तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महापौर का मुखौटा पहनकर विरोध जताया, पोस्टर लेकर टूटी सड़कों और खुले चौंबरों के पास प्रदर्शन किया तथा नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।