बड़वानी। जिला मुख्यालय स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय सीनियर कन्या छात्रावास की अधीक्षिका वंदना पटेल के खिलाफ 48 छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। बुधवार को छात्राएं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय पहुंचीं और प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने भी छात्राओं का समर्थन किया।
छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में प्रवेश के लिए अधीक्षिका द्वारा पैसे मांगे जाते हैं। उनका दावा है कि छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली छात्राओं से भी राशि ली गई है तथा कई छात्राओं से 13 से 18 हजार रुपये तक वसूले गए। छात्राओं ने खराब भोजन, दुर्व्यवहार और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता खराब है और सब्जी के लिए भी छात्राओं से पैसे लाने को कहा जाता है। साथ ही शाम के समय पुरुषों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद एक व्यक्ति के नियमित रूप से छात्रावास आने की शिकायत भी की गई।
एबीवीपी के जिला संयोजक अंशुमन धनगर ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश के नाम पर पैसों की मांग की जाती है और छात्राओं को प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, छात्रावास अधीक्षिका वंदना पटेल ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे चार दिन से अवकाश पर थीं। उनके अनुसार, छात्रावास में आया व्यक्ति उनका भाई था, जो आपात स्थिति में आया था। भोजन और अन्य आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास रंजना सिंह ने कहा कि छात्राओं की शिकायतों की जांच कराई जाएगी। भोजन की गुणवत्ता, दुर्व्यवहार और पैसों की वसूली से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पैसों की वसूली के संबंध में कोई लिखित या प्रत्यक्ष प्रमाण प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।