मंदसौर। युवा कांग्रेस मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव एवं ग्राम पंचायत गोगरपुरा के सरपंच विनोद पटेल ने प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराना लोकतंत्र की हत्या और युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है।
विनोद पटेल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल छात्र प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पहली पाठशाला हैं। देश के कई बड़े नेताओं ने छात्र राजनीति से ही अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की है। ऐसे में प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से वंचित रखना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब पंचायत, नगर निकाय, विधानसभा और लोकसभा के चुनाव नियमित रूप से कराए जा सकते हैं, तो छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने का कोई औचित्य नहीं है। उनके अनुसार, सरकार युवाओं की आवाज़ और लोकतांत्रिक भागीदारी से डर रही है।
युवा कांग्रेस नेता ने मांग की कि मध्यप्रदेश सरकार सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में जल्द छात्रसंघ चुनाव की घोषणा करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी जारी रखी, तो युवा कांग्रेस प्रदेशभर में छात्रों के साथ मिलकर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगी।