उज्जैन। महाकाल मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए उज्जैन पुलिस ने ‘पुलिस एआई ऐप’ लॉन्च किया है । इस ऐप के जरिए होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, दुकानदारों और फेरी लगाकर व्यवसाय करने वालों के साथ ही मंदिर क्षेत्र के बाहर तिलक लगाने वालों का चरणबद्ध तरीके से डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।
फिलहाल श्रावण माह को देखते हुए महाकाल मंदिर के आसपास के होटल, फूल-प्रसादी विक्रेता और तिलक लगाने वाले लोगों का पंजीयन किया जा रहा है। इस दौरान संबंधित व्यक्तियों का फोटो, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की जानकारी दर्ज की जा रही है। साथ ही उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
ऐसे लोगों को चिन्हित कर तत्काल होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि “सिंहस्थ 2028” को ध्यान में रखते हुए पूरे सिस्टम को एआई और मशीन लर्निंग तकनीक से और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। एसपी के अनुसार, भविष्य में यह सिस्टम भीड़ के बीच मौजूद संदिग्ध या आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान करने में मदद करेगा। ऐसे लोगों को समय रहते चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
उज्जैन पुलिस का मानना है कि तकनीक के बेहतर उपयोग से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद वातावरण भी मिलेगा।
महाकाल लोक के बाद बढ़ी भक्तों की संख्या
दरअसल, विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में “श्री महाकाल महालोक” के उद्घाटन के बाद से ही महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में बहुत ही ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण महाकाल मंदिर क्षेत्र सहित संपूर्ण उज्जैन में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। इस कारण रोजगार की तलाश में यहां शहर के आसपास सहित अन्य शहरों के साथ ही अन्य प्रदेशों से भी लोग आकर व्यापार-व्यवसाय कर रहे है।
डिजिटल डेटाबेस हो रहा तैयार
ऐसे में होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, अन्य दुकानदारों और फेरी लगाकर व्यवसाय करने वालों के साथ ही मंदिर क्षेत्र के बाहर तिलक लगाने वालों का चरणबद्ध तरीके से डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, ताकि इनकी आड़ में मौजूद कोई भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधियों में शामिल अपराधी की पहचान कर चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।