इंदौर। कुमेड़ी स्थित इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का संचालन और रखरखाव और मजबूत होगा। यह टर्मिनल बस, मेट्रो और रेलवे की एकीकृत कनेक्टिविटी के साथ प्रतिदिन 50 से 55 हजार यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। करीब 5.85 हेक्टेयर (14.46 एकड़) में फैले इस आईएसबीटी में प्रतिदिन 1,500 से अधिक बसों के संचालन की क्षमता होगी। यह टर्मिनल मध्य प्रदेश को गुजरात, राजस्थान, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से जोड़ने वाला प्रमुख परिवहन केंद्र बनेगा।
इसके संचालन की जिम्मेदारी अब बीवीजी इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है। लीज के तहत कंपनी इस अत्याधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का संचालन करेगी। आईएसबीटी कुमेड़ी को एयरपोर्ट स्तर के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां समर्पित फुटओवर ब्रिज (एफओबी) के माध्यम से मेट्रो स्टेशन का सीधा संपर्क रहेगा, जिससे यात्रियों को बस और मेट्रो के बीच आसानी से आवागमन की सुविधा मिलेगी। भविष्य में रेलवे कनेक्टिविटी के साथ यह प्रदेश के सबसे आधुनिक सार्वजनिक परिवहन केंद्रों में शामिल होगा।
कंपनी टर्मिनल के संचालन, रखरखाव और समग्र प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाएगी। इसके तहत इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, यात्री सुविधाएं, पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा, व्यावसायिक गतिविधियां, यूटिलिटी सेवाएं और डिजिटल संचालन का प्रबंधन एकीकृत सुविधा मॉडल के तहत किया जाएगा।
स्मार्ट तकनीक से होगा संचालन
टर्मिनल में डिजिटल एसेट मैनेजमेंट, ऑटोमेटेड पार्किंग, डिजिटल भुगतान, सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक सूचना प्रणाली, शिकायत निवारण व्यवस्था और रियल-टाइम ऑपरेशनल डैशबोर्ड जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। वहीं मशीनीकृत सफाई और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस के जरिए बिजली, जलापूर्ति, लिफ्ट, एयर कंडीशनिंग और सीवेज ट्रीटमेंट जैसी सेवाओं को निर्बाध बनाए रखा जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा विशेष फोकस
प्रोजेक्ट में सौर ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा दक्ष उपकरण, सीवेज जल का पुनर्चक्रण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जैविक अपशिष्ट प्रसंस्करण, जल संरक्षण और हरित लैंडस्केपिंग जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे टर्मिनल को एक टिकाऊ और हरित परिवहन केंद्र बनाया जा सके।
व्यावसायिक गतिविधियों का भी बनेगा नया केंद्र
आईएसबीटी परिसर में लगभग 30 हजार वर्गफुट क्षेत्र में रिटेल और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित की जाएंगी। यहां दुकानें, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, कार्यालय और यात्रियों की जरूरतों से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे यह परिसर केवल बस टर्मिनल नहीं बल्कि एक आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी विकसित होगा।
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर होगी तैयारी
बीवीजी इंडिया ने बताया कि संचालन व्यवस्था इस तरह तैयार की जाएगी कि सिंहस्थ-2028 जैसे बड़े आयोजनों के दौरान लाखों यात्रियों की आवाजाही भी सुचारू रूप से संभाली जा सके। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ, बेहतर भीड़ प्रबंधन, उन्नत सफाई व्यवस्था और मेट्रो व रेलवे प्रशासन के साथ समन्वित संचालन की योजना बनाई गई है।
कंपनी की सीईओ ने कही यह बात
बीवीजी इंडिया लि. की सीईओ रूपल सिन्हा ने कहा कि भारत में सार्वजनिक परिवहन तेजी से बदल रहा है और बस टर्मिनल अब केवल यात्रियों के आने-जाने का स्थान नहीं, बल्कि एकीकृत मोबिलिटी इकोसिस्टम बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य कुमेड़ी आईएसबीटी को स्मार्ट, टिकाऊ और यात्री-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन मॉडल के रूप में विकसित करना है।
कंपनी का कहना है कि एयरपोर्ट, अस्पतालों, औद्योगिक परिसरों और बड़े सार्वजनिक बुनियादी ढांचों के संचालन का उसका अनुभव कुमेड़ी आईएसबीटी को देश के आधुनिक और कुशल मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।